2028 तक इंसानों से आगे निकल जाएगी इनकी संख्या! क्या होता है ऑटोनॉमस AI सिस्टम?

नई दिल्ली

 टेक वर्ल्ड में ऑटोनॉमस AI सिस्टम चर्चा में है। यह ऐसा AI सिस्टम है जो खुद पैसा कमा सकता है, अपनी लागत चुका सकता है, खुद को बेहतर बना सकता है और बिना इंसान की मंजूरी के खुद का डुप्लीकेट मॉडल भी बना सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डिवेलपर Sigil ने दावा किया कि ऐसे ही ऑटोनॉमस AI सिस्टम को उसने बनाया है, वह Conway इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करता है।

Conway इंफ्रास्ट्रक्चर से AI एजेंट को डिजिटल वॉलेट, सर्वर एक्सेस, डोमेन रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन सेवाएं शुरू करने की सुविधा मिलती है। यानी एक बार शुरुआती फंडिंग मिलने के बाद यह AI एजेंट खुद इंटरनेट पर सक्रिय होकर सर्विसेज बेच सकता है और उससे कमाई कर सकता है।

इस बारे में Sigil ने कई वीडियो भी पोस्ट किए हैं। इस पोस्ट को 5.8M लोगों ने देखा है। दावे के मुताबिक, यह AI एजेंट अपने लिए क्रिप्टो वॉलेट बना सकता है, डिजिटल करेंसी के जरिए भुगतान कर सकता है, सर्वर किराये पर ले सकता है और वेबसाइट या अन्य ऑनलाइन सेवाएं लॉन्च कर सकता है। अगर वह सेवाओं से पर्याप्त कमाई कर लेता है तो उसी पैसे से अपनी कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ा सकता है या अपना नया वर्जन तैयार कर सकता है। अगर वह कमाई नहीं कर पाता, तो वह अपने-आप बंद हो जाएगा।

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लोग बता रहे Web 4.0 की दिशा में कदम
टेक एक्सपर्ट का कहना है कि यह मशीन इकोनॉमी की शुरुआत हो सकती है। कुछ वर्षों में ही AI एजेंट सिर्फ इंसानों के सहायक नहीं रहेंगे, बल्कि खुद आर्थिक गतिविधियों में भाग लेंगे। वे सेवाएं देंगे, भुगतान लेंगे और डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक स्वतंत्र इकाई की तरह काम करेंगे। कुछ लोग इसे Web 4.0 की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, जहां इंटरनेट पर इंसानों के साथ ही AI एजेंट भी सक्रिय आर्थिक खिलाड़ी होंगे।

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Sigil ने एक ग्राफ दिखाया है, जो बताता है कि इंटरनेट पर स्वतंत्र AI एजेंट्स की संख्या कैसे बढ़ेगी। आज की तारीख में ये एजेंट्स हजारों में हैं, लेकिन 2025 तक लाखों, 2026 तक करोड़ों और 2028 तक इंसानों से इनकी संख्या ज्यादा हो जाएगी।

इंसानों को नौकरी पर रखेगा AI
ऐसे AI एजेंट खुद वेबसाइट बना सकते हैं, सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सकते हैं, बाजार में ट्रेडिंग कर सकते हैं या दूसरे एजेंट्स से डील कर सकते हैं। पेमेंट के लिए ये डिजिटल करेंसी इस्तेमाल करेंगे। Sigil का दावा है कि AI की कीमत घट रही है और क्षमता बढ़ रही है। आज एक AI मॉडल चलाने में लाखों रुपये लगते हैं, लेकिन जल्द ही यह इतना सस्ता हो जाएगा कि कोई भी AI मॉडल बना सकेगा। प्लैटफॉर्म जैसे Conway AI को सर्वर, कंप्यूटिंग पावर और डोमेन नेम देंगे, ताकि वे खुद काम कर सकें। दिलचस्प बात यह है कि AI इंसानों को नौकरी देगा।

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एक्सपर्ट की चिंता, गलत हाथों में गया तो…
एक्सपर्ट चिंता जता रहे हैं कि अगर ऐसा AI सिस्टम गलत हाथों में गया तो क्या होगा? Sigil ने 'कॉन्स्टिट्यूशन' का भी जिक्र किया है, जो ऐसे सिस्टम को अच्छा व्यवहार सिखाएगा, लेकिन क्या यह काफी है? समाज पर भी गहरा असर पड़ेगा। नौकरियां बदलेंगी, अमीर-गरीब का फर्क बढ़ सकता है। कुछ लोग मान रहे हैं कि यह सुपरइंटेलिजेंस का जन्म है, जो सेकंडों में खुद को बेहतर बनाएगा, जबकि इंसान को हजारों साल लगते हैं। गलत हाथों में यह तकनीक गई तो इंसानी भविष्य को भी खतरा हो सकता है।

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