ईरान की इस हरकत से आगबबूला हुआ सऊदी अरब, UAE के भी सब्र का बांध टूटा

ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद ईरान ने बीते 10 दिनों से खाड़ी देशों पर लगातार हमले किए हैं। इन हमलों में ना सिर्फ अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया गया है, बल्कि ईरान ने सऊदी अरब और अन्य देशों के अन्य तेल और रिहायशी ठिकानों पर भी मिसाइलें बरसाई हैं। वहीं खाड़ी देशों ने अब तक संयम से काम लेते हुए दोनों पक्षों से बातचीत की अपील की है।

हालांकि अब इन देशों के सब्र का बांध टूटता नजर आ रहा है। रविवार को अपने तेल ठिकानों और एक रिहायशी इलाके पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए सऊदी अरब ने ईरान को चेतावनी दे दी है। सऊदी अरब ने सोमवार को ईरान को आगाह किया है कि अगर वह अरब देशों पर हमले करता रहा तो उसे अब तक का 'सबसे बड़ा नुकसान' उठाना पड़ेगा। सऊदी अरब का यह बयान उस नए ड्रोन हमले के बाद आया, जिसमें उसके बड़े शायबा तेल क्षेत्र को निशाना बनाया गया था। सऊदी अरब ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन द्वारा शनिवार को दिए गए इस बयान को भी खारिज कर दिया कि ईरान ने खाड़ी अरब देशों पर अपने हमले रोक दिए हैं।

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भविष्य में संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा- सऊदी
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "देश इस बात की पुष्टि करता है कि ईरानी पक्ष ने इस बयान पर अमल नहीं किया, ना तो राष्ट्रपति के भाषण के दौरान और ना ही उसके बाद। ईरान ने बिना किसी ठोस वजह के अपना आक्रमण जारी रखा है।" बयान में आगे कहा गया कि ईरानी हमले का मतलब है तनाव में और वृद्धि, जिसका वर्तमान और भविष्य में संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा।

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UAE ने किया अटैक
वहीं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान पर हमला बोल दिया है। UAE ने अपने पहले हमले में ईरान के एक विलवणीकरण संयंत्र पर हमला किया है। यह अमीरात और ईरान के बीच शत्रुता में एक अहम वृद्धि का संकेत है। अगर इस हमले की पुष्टि हो जाती है, तो यह हमला ना केवल फारस की खाड़ी के एक और देश को ईरान के साथ सीधे सैन्य संघर्ष में शामिल करेगा, बल्कि ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के खिलाफ अबू धाबी का पहला जवाबी हमला भी होगा। ईरानी अधिकारियों और उसके सरकारी मीडिया के अनुसार, केशम द्वीप पर स्थित एक विलवणीकरण संयंत्र पर कथित तौर पर रात भर में हमला किया गया, जिससे आसपास के लगभग 30 गांवों में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई।

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ईरान के हमले जारी
इस बीच ईरान ने अपने पड़ोसी मुल्कों को रविवार को भी निशाना बनाया। कुवैत के सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ईरानी ड्रोनों ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ईंधन टैंकों को निशाना बनाया। कुवैती वायु रक्षा प्रणालियों ने कई ड्रोनों को मार गिराया, लेकिन मलबे गिरने से हवाई अड्डे के टर्मिनल को आंशिक नुकसान पहुँचा है। इसके अलावा, कुवैत सिटी स्थित 'पब्लिक इंस्टीट्यूशन फॉर सोशल सिक्योरिटी' की बहुमंजिला इमारत में भी ईरानी ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। कुवैती सेना ने बताया कि पिछले 48 घंटों में उन्होंने 12 ड्रोनों और 14 मिसाइलों को सफलतापूर्वक गिरा दिया है।

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