पंचायत शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब सरकारी कर्मचारियों जैसा मिलेगा वेतनमान

इंदौर 

इंदौर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है। युगलपीठ ने सरकार की पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए पंचायत शिक्षकों को अन्य सरकारी कर्मचारियों समान वेतनमान देने के फैसले को बरकरार रखा है। सरकार ने इस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कोर्ट ने पंचायत शिक्षकों को सरकारी कर्मचारियों के समान वेतनमान देने का आदेश दिया था।

कोर्ट ने सरकार के 29 दिसंबर 2017 के आदेश को खारिज करते हुए पंचायत शिक्षकों को भी छठे वेतन आयोग का लाभ 1 जनवरी 2006 से देने का आदेश दिया था और साथ ही बकाया राशि पर 6 फीसदी ब्याज के साथ भुगतान का आदेश दिया था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट की युगलपीठ में सरकार ने अपील दायर करते हुए चुनौती दी थी। तर्क दिया था कि एकलपीठ ने गलत तरीके से 1 जनवरी 2006 से लाभ देने का आदेश दिया। राज्य सरकार का कहना था कि छठे वेतन आयोग का लाभ 1 अप्रैल 2007 से ही मिलना था। इसमें भी सरकार हार गई थी। इसके बाद पुनर्विचार याचिका दायर की थी।

ये भी पढ़ें :  शोध ऐसा हो, जो बदल दें सबकी सोच: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भेदभाव नहीं कर सकते
हाई कोर्ट जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की कोर्ट ने साफ किया कि पंचायत कर्मचारियों को समान वेतनमान देने का मामला पहले भी कई फैसलों में हल हो चुका है। जिनमें स्पष्ट किया है कि पंचायत कर्मचारियों को समान वेतन व सरकारी कर्मचारियों समान सभी लाभ मिलें। जब राज्य सरकार ने पंचायतकर्मियों को सरकारी कर्मचारियों के समान वेतन देने का फैसला लिया है, तो उनसे भेदभाव नहीं किया जा सकता।

ये भी पढ़ें :  एमपी के इस जिले में खतरे की घंटी! 15 जुलाई तक जल अभावग्रस्त घोषित, कलेक्टर का सख्त आदेश जारी

क्या है मामला
सरकार ने 7 जुलाई 2017 व 29 दिसंबर 2017 को आदेश जारी किया था कि पंचायत शिक्षकों को छठे वेतन आयोग का लाभ 1 अप्रैल 2007 से दिया जाए, बजाय उनकी नियुक्ति तारीख के। फैसले के खिलाफ पंचायत शिक्षकों ने याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उन्हें छठे वेतन आयोग के लाभउनकी प्रारंभिक नियुक्ति तारीख से दिए जाएं।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment