मंत्री सारंग के मार्कफेड को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश
बंद इकाइयों के पुनरुद्धार और संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग पर भी जोर
10.80 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य
पैक्स केंद्रों पर किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश
राज्य सहकारी विपणन संघ की गतिविधियों की समीक्षा
भोपाल
सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) कार्यालय में समीक्षा बैठक में संघ की गतिविधियों, उर्वरक वितरण व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन, परिसंपत्तियों के उपयोग एवं व्यवसाय विस्तार की विस्तृत समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने कहा कि मार्कफेड को आत्मनिर्भर, आधुनिक एवं व्यावसायिक रूप से मजबूत संस्था बनाने के लिए सभी अधिकारी लक्ष्य आधारित कार्य करें। उन्होंने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने, बंद औद्योगिक इकाइयों को पुनः प्रारंभ करने, संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग करने तथा गोदामों के पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उर्वरक (खाद) प्रबंधन एवं वितरण
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 10.80 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध 23 मार्च तक 6.70 लाख मीट्रिक टन का भंडारण हो चुका है। किसानों को स्थानीय स्तर पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मंत्री सारंग ने वित्तीय प्रबंधन की समीक्षा करते हुए बैंकों से प्राप्त ऋण एवं लंबित बकाया राशि की शीघ्र वसूली के निर्देश दिए, जिससे उर्वरक कंपनियों को भुगतान में कोई बाधा नहीं आए। उन्होंने कहा कि संस्था की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाना प्राथमिकता है।
परिसंपत्ति प्रबंधन एवं डिजिटल ट्रैकिंग
मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि संघ की सभी अचल संपत्तियों की मैपिंग कर उनका विवरण ‘संपदा पोर्टल’ पर अनिवार्य रूप से अपडेट किया जाए। साथ ही अचल संपत्तियों की सुरक्षा एवं व्यावसायिक उपयोग के लिये विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर मुख्यालय भेजी जाए। बैठक में भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर एवं अन्य स्थानों पर बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को प्रारंभ करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए। उज्जैन स्थित पेट्रोल पंप को तत्काल पुनः प्रारंभ करने तथा मुख्य मार्गों पर स्थित भूमि पर नए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स/पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिये वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के भी निर्देश दिए गए।
ईईसी एवं एनसीडीसी योजना के पुराने गोदामों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने तथा उपार्जन प्रक्रिया में संघ के 316 गोदामों (क्षमता 7.84 लाख मीट्रिक टन) का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
संगठनात्मक लक्ष्य एवं अनुसंधान
मार्कफेड के कायाकल्प के लिये गठित विशेष अनुसंधान समिति को 15 दिवस के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। “को-ऑपरेशन एमंग को-ऑपरेटिव्स” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए कृषि विपणन आंदोलन को राज्य स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। मंत्री सारंग ने कहा कि मार्कफेड के माध्यम से कृषि विपणन आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा तथा संस्था की वित्तीय स्थिति का सटीक आकलन इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक पूर्ण किया जाएगा। बैठक में राज्य विपणन संघ के प्रबंध संचालक अभिजीत अग्रवाल, सचिव महेंद्र दीक्षित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


