भोपाल में कचरे से बनेगा ‘कोयला’, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का हाईटेक प्लांट शुरू

भोपाल

राजधानी भोपाल में सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट की दिशा में बड़ी पहल करते हुए आदमपुर छावनी में स्थापित टोरिफाइड चारकोल प्लांट का ट्रायल रन शुरू हो गया है। NTPC Limited द्वारा 220 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मोड पर तैयार इस प्लांट में सूखे कचरे को कोयले (चारकोल) में बदला जाएगा।

तीन दिन में 800 टन कचरा पहुंचा

ट्रायल के शुरुआती तीन दिनों में ही प्लांट में 800 टन सूखा कचरा पहुंचाया गया है। अधिकारियों के अनुसार ट्रायल के दौरान कुल 1800 टन कचरे का उपयोग किया जाएगा

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हर दिन 400 टन कचरे की प्रोसेसिंग

15 एकड़ में फैले इस प्लांट में प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे को प्रोसेस कर टोरिफाइड चारकोल तैयार किया जाएगा। यह तकनीक कचरा निपटान के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन के लिए भी उपयोगी साबित होगी।

आयुक्त ने किया निरीक्षण

नगर निगम आयुक्त Sanskriti Jain ने प्लांट का दौरा कर कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने इसे भोपाल के लिए गौरव का क्षण बताते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम बताया।

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एक नजर में प्रोजेक्ट

  • 12 अक्टूबर 2021 को हुआ अनुबंध
  • 220 करोड़ रुपये की लागत
  • 15 एकड़ में स्थापित प्लांट
  • प्रतिदिन 400 टन कचरे की प्रोसेसिंग क्षमता

पर्यावरण को मिलेगा फायदा

यह प्रोजेक्ट कचरे के वैज्ञानिक निपटान के साथ कोयले के विकल्प के रूप में उपयोगी होगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और भोपाल देश के चुनिंदा शहरों में शामिल हो सकेगा, जहां कचरे का शत-प्रतिशत उपयोग किया जा रहा है।

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