SIR वोटर लिस्ट अपडेट: 12 राज्यों में 6.08 करोड़ नाम हटे, यूपी और बंगाल में सबसे बड़ा बदलाव

नई दिल्ली

देशभर में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के दूसरे फेज के तहत चुनाव आयोग ने 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इस प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जिसमें कुल 6.08 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इस अपडेट के बाद इन राज्यों में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 44.92 करोड़ रह गई है।

चुनाव आयोग के अनुसार, SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि डुप्लीकेट, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें। इस प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा सहित पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप शामिल रहे।

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उत्तर प्रदेश और बंगाल में सबसे बड़ा बदलाव
सबसे बड़ा असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिला है, जहां मतदाता सूची से लगभग 2.04 करोड़ नाम हटाए गए हैं। इसके चलते राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या में करीब 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और अब यह लगभग 13.39 करोड़ रह गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव मुख्य रूप से मृत, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टियों को हटाने के कारण हुआ है।

दूसरे बड़े राज्य पश्चिम बंगाल में भी मतदाता सूची में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। यहां करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिससे राज्य की वोटर लिस्ट पहले की तुलना में काफी छोटी हो गई है। यह राज्य पहले से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है, ऐसे में इस बदलाव को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।

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60 करोड़ मतदाता SIR प्रक्रिया के तहत कवर हुए 
चुनाव आयोग का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया देश की मतदाता सूची को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए की जा रही है। आयोग के अनुसार, पूरे देश में करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से अब तक लगभग 60 करोड़ मतदाता SIR प्रक्रिया के तहत कवर किए जा चुके हैं, जबकि शेष राज्यों में यह अभियान अगले चरण में पूरा किया जाएगा।

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हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर कुछ राज्यों में राजनीतिक विवाद भी देखने को मिला है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में कुछ दलों ने मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

आने वाले समय में 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि आगामी चुनावों से पहले देशभर की मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट कर लिा जाए, ताकि चुनावी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी हो सके।

 

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