पूर्वी मेदिनीपुर.
पश्चिम बंगाल के नंदकुमार विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज टीएमसी का मतलब “तुष्टिकरण, माफिया राज और कट मनी” बनकर रह गया है, जिसने बंगाल की विकास यात्रा को बाधित किया है। मुख्यमंत्री ने टीएमसी के ‘मां-माटी-मानुष’ के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज बंगाल में मां-बहन असुरक्षित हैं, माटी घुसपैठियों के कब्जे में और मानुष भयभीत व असहाय है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि बंगाल को फिर से उसकी सांस्कृतिक पहचान, सुरक्षा और विकास के मार्ग पर लाने के लिए परिवर्तन आवश्यक है।
तुष्टिकरण, लूट, अराजकता की चुनौतियों से जूझता बंगाल
मुख्यमंत्री ने बंगाल की महान सांस्कृतिक धरा को नमन करते हुए कहा कि बंगाल प्रेरणा की भूमि है, जिसने भारत को दिशा दी है। यहां से स्वामी विवेकानंद ने विश्व मंच पर सनातन का परचम लहराते हुए कहा कि गर्व से कहो कि हम हिंदू हैं। इसी भूमि पर खुदीराम बोस ने देश के लिए हंसते-हंसते बलिदान दिया और सुभाष चंद्र बोस ने आजादी का बिगुल फूंका। रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद और लाहिड़ी महाशय जैसे संतों की परंपरा तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रनायकों ने इस भूमि को गौरव प्रदान किया। इसी धरती ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा रचित “जन गण मन” और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के “वंदे मातरम्” जैसी अमर धरोहरें दीं, जो भारत की स्वतंत्रता का मंत्र बनीं। लेकिन आज वही बंगाल तुष्टिकरण, लूट, अराजकता और गुंडागर्दी की चुनौतियों से जूझ रहा है, जहां कृषि प्रधान क्षेत्र का किसान अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा रहा और सरकार आवश्यक सुविधाएं देने में विफल साबित हो रही है।
बंगाल में डेमोग्राफी बदलने का कुत्सित प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में डेमोग्राफी बदलने के कुत्सित प्रयास और तुष्टिकरण की राजनीति विकास में बाधा बन रही है। स्वतंत्रता के समय बंगाल देश की अर्थव्यवस्था का लगभग एक-तिहाई हिस्सा था, लेकिन धीरे-धीरे उद्योग, कल-कारखाने और एमएसएमई सेक्टर कमजोर होते गए तथा कला, संस्कृति और शिक्षा पर राजनीति हावी हो गई। पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और बीते वर्षों में टीएमसी शासन में स्थिति और बिगड़ी। कभी आर्थिक शक्ति का केंद्र रही यह उर्वर भूमि आज भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण कमजोर पड़ती दिख रही है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि मां महाकाली और मां दुर्गा की इस पावन धरा को तुष्टिकरण और अराजकता का प्रतीक नहीं बनने देना है, बल्कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ कर अवैध गतिविधियों पर रोक लगानी होगी।
बंगाल से भी गंभीर स्थिति कभी यूपी में थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार की अराजकता, गुंडागर्दी, लूट और तुष्टिकरण आज बंगाल में देखने को मिल रहा है, उससे मिलती-जुलती बल्कि उससे भी गंभीर स्थिति 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में थी, जब हर तीसरे दिन दंगे होते थे, त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे और प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य के रूप में जाना जाता था। 2017 में नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद हालात पूरी तरह बदले और अब न कर्फ्यू न दंगा, यूपी में सब चंगा। कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई, दंगे रुके, महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई हुई, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिला और हर वर्ग के लिए विकास की योजनाएं लागू हुईं। सीएम ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण को इस परिवर्तन का प्रतीक बताते हुए कहा कि अब जरूरत है बंगाल में विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की।
माफिया का इलाज भी करता है यूपी का बुलडोजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कोलकाता का मेयर चुनौती देता है, कहता है कि बंगाल की आधी आबादी उर्दू बोलेगी, यानी बांग्ला और बंगाली पहचान को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। यह एक साजिश है और इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। जो लोग कहते हैं कि यहां उर्दू बोली जाएगी, उन्हें स्पष्ट कर दो कि उर्दू जहां बोली जाती है, वहीं बोली जाएगी, बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। बंगाल की कला, संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, बहन-बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, उसे उत्तर प्रदेश का बुलडोजर सख्त जवाब देगा। यूपी का बुलडोजर केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, यह माफिया का इलाज भी करता है। और, यह बुलडोजर वहीं प्रभावी ढंग से चलता है, जहां डबल इंजन सरकार की रफ्तार और संकल्प मौजूद होता है।
हिंदुओं के कत्लेआम पर चुप रहती हैं ममता
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में डेमोग्राफी बदलने की साजिश की जा रही है। मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, नादिया, बीरभूम व हावड़ा जैसे जिलों में सामाजिक संतुलन बिगाड़ने की चेष्टा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने रामनवमी जैसे अवसरों पर शोभायात्राओं को रोकने का प्रयास किया और अवैध घुसपैठ सिंडिकेट को बढ़ावा दिया। सीएम योगी ने बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर ममता बनर्जी समेत तमाम राजनीतिक दलों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने सीमा सुरक्षा को अहम बताते हुए कहा कि लगभग 570 किमी सीमा पर फेंसिंग जरूरी है, ताकि अवैध गतिविधियों व घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
बंगाल को उसकी सांस्कृतिक पहचान व गौरव दिलाना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल, जो कभी “कल्चरल कैपिटल ऑफ इंडिया” के रूप में देश को दिशा देता था, आज अपराध व अराजकता का केंद्र बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश सरकार द्वारा 1905 में बंगाल विभाजन का षड्यंत्र रचने और इसके बाद स्वदेशी आंदोलन का स्मरण करते हुए कहा कि “वंदे मातरम्” जैसी प्रेरणा देने वाली इस भूमि को फिर से उसकी सांस्कृतिक पहचान और गौरव दिलाना होगा। उन्होंने तमलुक से सांसद बने अभिजीत गांगुली के चयन पर जनता का अभिनंदन करते हुए अपील की कि भाजपा प्रत्याशी निर्मल खानरा को समर्थन देकर विकास और परिवर्तन के प्रतीक कमल को विजय दिलाएं, ताकि बंगाल को फिर समृद्धि और सुशासन के मार्ग पर आगे बढ़ाया जा सके।


