योगी सरकार का बड़ा कदम: 49 बस स्टेशनों का होगा विश्वस्तरीय पुनर्विकास

लखनऊ.
योगी सरकार ने प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर फेज-2 बस स्टेशन विकास परियोजना को स्वीकृति मिल गई है, जिसके तहत प्रदेश के 49 प्रमुख बस स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। इन बस स्टेशनों को आधुनिक, विश्वस्तरीय एवं बहुउद्देश्यीय बस टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां यात्रियों को उन्नत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना के अंतर्गत शीघ्र ही डेवलपर्स के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक होगी।

स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणाली की बेहतर व्यवस्था
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि पीपीपी मॉडल के तहत बनने वाले इन बस स्टेशनों में स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणाली की बेहतर व्यवस्था होगी। इसके साथ ही सुव्यवस्थित पार्किंग, वाणिज्यिक परिसर और सहायक सेवाओं को भी शामिल किया जाएगा, जिससे स्मार्ट और टिकाऊ अवसंरचना विकसित की जा सके। उन्होंने बताया कि यह परियोजना डीबीएफओटी (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर) ढांचे पर आधारित होगी, जिसमें राज्य सरकार पर कोई प्रत्यक्ष पूंजीगत व्यय नहीं आएगा। निजी निवेश के माध्यम से बस स्टेशनों का विकास किया जाएगा, जबकि भूमि का स्वामित्व निगम के पास रहेगा।

ये भी पढ़ें :  फोरलेन निर्माण में लाएं तेजी, तय समयसीमा में करें पूर्ण : मुख्यमंत्री योगी

आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा
परिवहन मंत्री ने कहा कि योगी सरकार की इस पहल से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और शहरी विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन अवसंरचना के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

ये भी पढ़ें :  धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग का मामला, छांगुर के खिलाफ ATS ने दर्ज की चार्जशीट

इन बस अड्डों का होगा कायाकल्प
आगरा में फाउंड्री नगर, अम्बेडकरनगर में अकबरपुर (डिपो कार्यशाला) अमेठी में अमेठी, अयोध्या में अयोध्या (ओल्ड बस स्टेशन) आजमगढ़ में तरवा, बलिया में रसड़ा और बेल्थरा रोड, बलरामपुर में बलरामपुर (डिपो कार्यशाला) बाराबंकी में हैदरगढ़, बस्ती में बस्ती (डिपो कार्यशाला) बिजनौर में नहटौर, बदायूं में बदायूं, बुलंदशहर में बुलंदशहर (पुराना) और खुर्जा, देवरिया में देवरिया, एटा में एटा, फिरोजाबाद में फिरोजाबाद और शिकोहाबाद, गौतमबुद्धनगर में नोएडा (डिपो कार्यशाला) गाजियाबाद में गढ़ और लोनी, गोंडा में गोंडा (डिपो कार्यशाला) हरदोई में हरदोई बस स्टेशन को आधुनिक तरीके से विकसित किया जाएगा।

ये भी पढ़ें :  मकर संक्रांति स्नान पर्व के लिए तैयारी पूरी, 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन का प्रशासन का अनुमान

द्वितीय चरण में लखनऊ के जानकीपुरम में भी बनेगा बस स्टेशन
इसके अलावा हाथरस में हाथरस, जौनपुर में जौनपुर, मछलीशहर और बादशाहपुर, झांसी में झांसी (नयी भूमि) कानपुर देहात में माती, कौशांबी में सराय आकिल, लखीमपुर खीरी में गोला, लखनऊ में कैसरबाग और जानकीपुरम, महाराजगंज में सुनौली और निचलौल, मिर्जापुर में विंध्याचल, मुरादाबाद में मुरादाबाद (पीतल नगरी) मुजफ्फरनगर में मुजफ्फरनगर (नई भूमि) पीलीभीत में पीलीभीत, प्रतापगढ़ में कुंडा, रामपुर में रामपुर, श्रावस्ती में भिनगा, सीतापुर में नैमिषारण्य और सिधौली, सोनभद्र में रॉबर्टसगंज (सोनभद्र) अमेठी में जगदीशपुर, उन्नाव में उन्नाव, वाराणसी में काशी (गोलगड्ढा) और चंदौली में चंदौली बस स्टेशन द्वितीय चरण के अंतर्गत विकसित किया जाएगा।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment