मेधावी छात्रों के लिए बड़ी राहत: मुख्यमंत्री नोनी बाबू शिक्षा योजना से मिल रही लाखों की सहायता

मोहला/रायपुर.

छत्तीसगढ़ श्रम विभाग द्वारा संचालित “मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना” के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के बच्चों को पाठ्यक्रमों तक पढ़ाई करने वाले है। वहीं, शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है।

योजना के अंतर्गत कक्षा 10वीं से लेकर स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक विद्यार्थियों को 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने पर 5,000 से 12,500 तक की सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में दी जाती छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में प्रदेश के टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 1 लाख की प्रोत्साहन राशि तथा दोपहिया वाहन खरीदने हेतु अतिरिक्त 1 लाख का अनुदान भी दिया जाता है।

योजना में विदेश में एक वर्षीय मास्टर कोर्स हेतु अधिकतम 50 लाख तक की सहायता, प्रवेश परीक्षा शुल्क एवं अन्य शैक्षणिक खर्च वहन करने का प्रावधान भी है, जिसके लिए श्रमिक का कम से कम 3 वर्ष पूर्व पंजीयन अनिवार्य है। इस योजना का लाभ पंजीकृत श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को ही मिलेगा और आवेदन परीक्षा परिणाम जारी होने के 6 माह के भीतर करना होगा। पात्र हितग्राही जिला श्रम कार्यालय, श्रम संसाधन केंद्र या श्रमेव जयते मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जिसके सत्यापन के बाद सहायता राशि सीधे उनके खाते में स्थानांतरित की जाती है।

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मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना
अच्छे नंबर लाओ और सरकार की ओर से इनाम पाओ। जी हां, छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के उन बच्चों को स्कॅालरशिप देती है, जो पढ़ाई के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए अच्छे नंबर लेकर आते हैं। छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के अंतर्गत चल रही 'मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना'के तहत श्रमिकों के मेधावी बच्चों को सरकार की ओर से अच्छे नंबर लाने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। हालांकि इसके लिए पहली शर्त यही है कि बच्चा परीक्षा में कम से कम 75 फीसदी नंबर लेकर आए। छत्तीसगढ़ बोर्ड ने आज 10वीं और 12वीं का र‍िजल्‍ट जारी कर द‍िया है। परीक्षा में पास होने वाले छात्र-छात्राएं योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना क्या है? प्रोत्साहन राशि पाने के लिए क्या करना होगा? आइए जानते हैं

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मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना क्या है?
छत्तीसगढ़ सरकार के भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (Chhattisgarh Building and Other Construction Workers Welfare Board) की एक महत्वपूर्ण योजना है। 'मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना' के तहत रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों को आर्थिक मदद देकर उन्हें पढ़ाई में अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस योजना के तहत छात्रों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अलग-अलग प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य पढ़ाई-लिखाई में अच्छा करने वाले श्रमिकों के बच्चों को आगे बढ़ने के लिए आर्थिक मदद मुहैया कराना है ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो। अगर कोई पंजीकृत निर्माण श्रमिक कम से कम 90 दिन तक रजिस्ट्रेशन बनाए रखता है और उसके दो बच्चों में से कोई भी 75% से ज्यादा नंबर लाता है तो उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा।

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मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना का उद्देश्य

  • श्रमिकों के बच्चों को पढ़-लिखकर आगे बढ़ने का मौका देना
  • श्रमिकों के परिवारों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सुधार करना
  •  बेटियों को भी पढ़ाने-लिखाने के लिए प्रोत्साहित करना

मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के लिए जरूरी दस्तावेज

  •  श्रमिक का पंजीकरण प्रमाण पत्र
  • बैंक पासबुक की कॉपी
  • आधार नंबर
  • मोबाइल नंबर
  • आवेदक छात्र की पिछले साल की मार्कशीट
  •  वर्तमान सत्र में पढ़ाई करने का प्रिंसिपल द्वारा जारी सर्टिफिकेट
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