तहसीलदार का अनोखा स्वागत: प्रगणकों को दिए प्याज-टॉवेल, लौटने पर मिलेगा नींबू शरबत

गरियाबंद.

43 डिग्री तापमान में फील्ड प्रैक्टिकल पर निकलने से पहले प्रगणकों को लू से बचाने तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने प्याज और टॉवेल भेंट किए. वहीं लौटने पर डिहाइड्रेशन से बचाने नींबू शरबत की भी व्यवस्था की गई. तहसीलदार ने कहा कि बोले यह अभियान जितना महत्वपूर्ण उससे जुड़े एक एक कर्मी उतने ही महत्वपूर्ण हैं.

जनगणना 2027 से पूर्व 1 मई से 30 मई तक होने वाले मकान सूचिकरण और डिजिटल डेटा कलेक्शन कार्यक्रम में तकनीकी दक्षता लाने प्रगणकों को आज देवभोग तहसील में दूसरे चरण का फील्ड प्रैक्टिकल को कराया गया. घोघर और लाटापारा ग्राम में 50-50 प्रगणक इस अभ्यास के लिए पहुंचे थे.

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गांव में जाने से पहले तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने अपने टीम में शामिल जनगणना प्रभारी विजय कश्यप, मास्टर ट्रेनर सुशील अवस्थी, गिरीश चंद्र बेहेरा के साथ मिलकर लाटापारा में प्रगणकों को सफेद टॉवेल और प्याज भेंट किया. निकलने से पहले नाश्ता और लौटने पर निबू शरबत भी पिलाया ताकि कोई भी प्रगणक डिहाइड्रेशन का शिकार न हो. इस नवाचार के जरिए जनगणना अभियान के जिम्मेदार अफसर ने स्वास्थ्य का ख्याल रख प्रगणकों का दिल जीत लिया. इंतजमात देख प्रगणकों के चेहरे खिल गए. प्रगणकों ने इस व्यवस्था के लिए अभियान प्रमुख के प्रति कृतज्ञता जाहिर किया और फील्ड में दोगुने उत्साह के साथ काम करते नजर आए.

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तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने कहा कि अभियान के साथ-साथ इससे जुड़े प्रत्येक कर्मी महत्वपूर्ण हैं. 43 डिग्री से ज्यादा तापमान में प्रगणकों को गणना का अभ्यास करना था. तपती दोपहरी में काम के दौरान सेहत न बिगड़े इसका ख्याल हमें रखना है. इसके लिए हमने छोटा सा प्रयास किया है. मई महीने भर चलने वाले इस अभियान में भी पूरी तैयारी के साथ प्रगणकों को मैदान में उतारा जाएगा.

पूरे अभियान में मिलेंगे अतरिक्त 25 हजार, एंड्रॉयड 12 वर्जन जरूरी
तय गाइडलाइन के मुताबिक, प्रगणकों को पूरे अभियान के लिए 25 हजार का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा ट्रेनिंग अवधि का भी प्रतिदिन 400 रूपये का भुगतान होगा. प्रत्येक प्रगणकों को मोबाइल के जरिए पेपर लेस वर्क करना है. जिसके लिए एंड्रॉयड 12 वर्जन की अनिवार्यता किया गया है. ग्रामीण अंचल में सेवा देने वाले कई प्रगणकों के पास यह वर्जन उपलब्ध नहीं था, ऐसे में उन्हें नए वर्जन का मोबाइल खरीदी करना पड़ रहा है. जारी आदेश के मुताबिक नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रगणकों को 1 हजार जुर्माना और दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 3 साल कारावास सजा का भी प्रावधान किया गया है.

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