अब भीम यूपीआई ऐप पर भी चेक कर पाएंगे क्रेडिट स्कोर, एनपीसीआई ने सिबिल के साथ किया करार

नई दिल्ली 
 नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने  कहा कि उसकी इकाई भीम सर्विसेज और ट्रांसयूनियन सिबिल के बीच करार हुआ है। इसके बाद अब यूजर्स भीम ऐप पर अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर पाएंगे। इस एकीकरण के साथ, यूजर्स सीधे भीम ऐप पर अपना सिबिल स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट देख सकते हैं, जिससे वे प्लेटफॉर्म छोड़े बिना अपनी क्रेडिट स्थिति पर आसानी से नजर रख सकते हैं।
एनपीसीआई ने बताया कि क्रेडिट डेटा तक पहुंच सहमति-आधारित मॉडल द्वारा नियंत्रित होगी, जिसके तहत जानकारी केवल यूजर्स की स्पष्ट स्वीकृति के बाद ही प्राप्त की जाएगी।

ये भी पढ़ें :  चंडीगढ़ ब्रांच फ्रॉड केस: IDFC फर्स्ट बैंक ने चुकाए 645 करोड़ रुपये के दावे

यह फीचर भीम ऐप के वर्जन 4.0.19 और उससे ऊपर के वर्जनों पर उपलब्ध है।क्रेडिट स्कोर की जानकारी जोड़ने का उद्देश्य ऐप की उपयोगिता को रोजमर्रा के भुगतानों से आगे बढ़ाकर व्यापक वित्तीय जागरूकता तक फैलाना है।
ट्रांसयूनियन सिबिल के एमडी और सीईओ भावेश जैन ने कहा, "जैसे-जैसे भारत क्रेडिट के लिए लेन-देन आधारित दृष्टिकोण से अधिक योजनाबद्ध दृष्टिकोण की ओर बढ़ रहा है, यह उपभोक्ता जागरूकता की दिशा में हमारी यात्रा का एक महत्वपूर्ण कदम है।"
एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड की एमडी और सीईओ ललिता नटराज ने कहा कि यह सहयोग ऐप के मूल सिद्धांत, यानी सरलता और उपयोगकर्ता नियंत्रण को क्रेडिट क्षेत्र में आगे बढ़ाता है।

ये भी पढ़ें :  अमिताभ बच्चन का ब्लॉग चर्चा में, ‘इंटरनेट के तूफान’ पर लिखी खास बात

इससे पहले मार्च में, एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड ने ऐप पर यूपीआई भुगतान के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण शुरू किया था, जिससे उपयोगकर्ता फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान का उपयोग करके 5,000 रुपए तक के लेनदेन को स्वीकृत कर सकते हैं।

एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड द्वारा विकसित भारत का स्वदेशी यूपीआई भुगतान ऐप, भीम, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपयोगकर्ताओं को सेवा प्रदान करता है। ऐप में खर्च विभाजन, फैमिली मोड और खर्च विश्लेषण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

ये भी पढ़ें :  Bigg Boss 19: अरमान को देखकर फूट-फूटकर रोए अमल मलिक, शहबाज पर छूटी हंसी

हाल ही में, भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) को 10 वर्ष पूरे हो गए हैं और इसकी ग्लोबल रियल टाइम लेनदेन में हिस्सेदारी 49 प्रतिशत हो गई है।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment