BSP में छंटनी की तैयारी तेज, नियमों के अध्ययन के लिए GM-AGM विशाखापट्टनम रवाना

भिलाई नगर.

बीएसपी मैनेजमेंट ने कम्पलसरी रिटायरमेंट और वालंटरी रिटायरमेंट संबंधी अध्ययन करने के लिए एक जीएम और एक एजीएम को विशाखापट्टनम आरआईएनएल भेज दिया है। दोनों अफसर इंडस्ट्रीयल इंजीनियरिंग विभाग के हैं । वे यह जानेंगे कि आरआईएनएल यानी राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड विशाखापट्टनम ने अपने नियमित कार्मिकों को रिटायर करने के लिए किस तरह छंटनी की।

बीएसपी के इंडस्ट्रीयल इंजीनियरिंग विभाग के अफसर विशाखापट्टनम पहुंच गए हैं। असल में रआईएनएल विशाखापट्टनम ने भी इस्पात मंत्रालय के निर्देश पर अपने कुछ कार्मिकों को कम्पलसरी रिटायर किया और कुछ को वालंटरी रिटायरमेंट दिया। दोनों प्लांट की वर्किंग लगभग एक जैसी है। ऐसे में बीएसपी सहित सभी प्लांट से अफसरों की टीम बनाकर विशाखापट्टनम भेजने का निर्णय लिया गया। सेल में इस समय सबसे ज्यादा मैनपावर है। 1 अप्रैल 2026 के हिसाब से यहां रेगुलर मैनपावर की संख्या है। बीएसपी सहित पांच बड़ी यूनिटों पर अपना मैनपावर कम करने का सबसे ज्यादा दबाव है।

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बीएसपी के अफसर वहां जाकर यह अध्ययन करेंगे कि आरआईएनएल ने विभिन्न विभागों में मैनपावर कट करने के लिए क्या फार्मूला अपनाया। यहां से गई अफसरों की टीम वहां के अफसरों से समझने की कोशिश करेगी कि कहां-कहां किस तरह मैनपावर कट किया जा सकता है। इन अफसरों का पूरा पेपर वर्क भी देखने कहा गया है। अफसर अपने अध्ययन के आधार पर यहां मैनेजमेंट को रिपोर्ट देंगे। उस रिपोर्ट के आधार पर भिलाई में मैनपावर कहां कहां और कितना मैनपावर कट किया जा सकता है इस संभावना पर लिस्ट तैयार करेंगे।

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पता चला है कि जिन कार्मिकों का पास्ट सर्विस रिकार्ड ठीक नहीं रहा है, उन्हें ही पहले टार्गेट किया जाएगा। देखना यह है कि आखिर यहां कितने कार्मिक जबरिया रिटायर किए जाते हैं और कितने कार्मिकों को वालंटरी रिटायरमेंट के जरिया विदा किया जाएगा। ठेका श्रमिकों की छंटनी पर तो कवायद चल ही रहा है।

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