लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर से पहुंचे फरियादियों से मुलाकात की और आश्वस्त किया कि सरकार हर उचित समस्या का समाधान कराएगी। जनता दर्शन में माता-पिता के साथ आए बच्चों की शिक्षा के बारे में पूछा और अभिभावकों से कहा कि बच्चों को अवश्य पढ़ाइए। शिक्षित बच्चा ही समृद्ध भारत का निर्माण करेगा। अवैध कब्जे की शिकायत पर मुख्यमंत्री सख्त हो गए, उन्होंने तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
सरकार सुविधा दे रही, आप बच्चों को पढ़ाइए
जनता दर्शन में अभिभावकों के साथ कुछ छोटे बच्चे भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने पूछा कि किस क्लास में पढ़ रहे हैं। इस पर जवाब आया कि अभी एडमिशन नहीं कराया है। सीएम ने इसकी वजह जाननी चाही, लेकिन उन्हें संतुष्टिपरक जवाब नहीं मिला तो उन्होंने अभिभावकों से कहा कि प्रदेश में पिछले 9 साल में शिक्षा का स्तर काफी सुधरा है। बेसिक हो या माध्यमिक, हर जगह बच्चों को गुणवत्ता के आधार पर शिक्षा प्रदान की जा रही है। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के बच्चों को शिक्षा के साथ ही ड्रेस, कॉपी-किताब, जूते-मोजे आदि के लिए अभिभावकों के खाते में 1200 रुपये दिए जा रहे हैं। बच्चों को ताजा पौष्टिक मिड-डे मील भी मिल रहा है। आप बच्चों का एडमिशन कराइए और हर हाल में स्कूल भेजिए।
सरकार लाखों नौकरियां दे रही, आप मेहनत से तैयारी कीजिए
जनता दर्शन में कुछ युवा भी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से नौकरी को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी की बातें ध्यान से सुनीं। फिर बताया कि 9 साल में 9 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है और सभी विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया निष्पक्षता व पारदर्शिता से संपन्न कराई गई है। इस साल भी सरकार कई विभागों में नियुक्ति करने जा रही है। इसके जरिए लाखों युवाओं को नौकरी मिलेगी। आप लोग सिर्फ मेहनत से तैयारी कीजिए। किसी के पास जाने की आवश्यकता नहीं है। हमारी सरकार में सिफारिश नहीं चलती, पारदर्शिता से भर्ती होती है। योग्यता है तो आपको नौकरी अवश्य मिलेगी। मुख्यमंत्री से वार्ता के उपरांत युवाओं ने सकारात्मक भाव के साथ तैयारी करने का विश्वास दिलाया। साथ ही आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए इन युवाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।
अवैध कब्जे की शिकायत पर सख्त हुए मुख्यमंत्री, बोले- कार्रवाई कीजिए और अवगत कराइए
मुख्यमंत्री के सामने अवैध कब्जे की भी शिकायत आई। सीएम ने फरियादियों से प्रार्थना पत्र लिया, उसे पढ़ा और अफसरों को देते हुए कहा कि इन मामलों की जांच कराइए। राजस्व, प्रशासन व पुलिस संयुक्त रूप से देखे कि इन प्रकरणों में क्या कार्रवाई होनी है। उचित कार्रवाई कराइए, पीड़ित पक्ष को संतुष्ट कराइए और फिर शासन को अवगत भी कराइए। ऐसी शिकायतें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।


