समाज को मानसिकता में बदलाव लाए बिना स्थायी सुधार संभव नहीं

भोपाल 

मध्यप्रदेश में नारी सशक्तिकरण के संकल्प को नई ऊर्जा देते हुए  रेखा यादव ने सोमवार को मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण किया। उनके साथ ही नवनियुक्त सदस्य  साधना स्थापक ने भी कार्यभार संभाला। पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए  यादव ने कहा कि आयोग अब केवल शिकायतों के निवारण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं के वैचारिक और सामाजिक सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगा।

 रेखा यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन की सराहना करते हुए कहा कि उनका संकल्प है कि मध्यप्रदेश की हर नारी आत्मनिर्भर और सुरक्षित महसूस करे। मेरा प्राथमिक दायित्व उनके इसी विजन को साकार करना है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़ी महिला तक पहुंचे।"

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महिला अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए  यादव ने कहा कि कानून अपनी जगह है, लेकिन समाज की मानसिकता में बदलाव लाए बिना स्थायी सुधार संभव नहीं है। कानूनों के निर्माण से अपराधों पर पूर्णतः अंकुश नहीं लगाया जा सकता, इसके लिए मानव की सोच और सामाजिक दृष्टिकोण को बदलना नितांत आवश्यक है। उन्होंने कहा  कि जब तक पुरुष प्रधान सोच और महिलाओं के प्रति समाज का नजरिया नहीं बदलेगा, तब तक अपराध की प्रवृत्ति में स्थायी सुधार संभव नहीं है।  यादव ने महिलाओं का आह्वान किया कि वे स्वयं भी जागरूक बनें और अपने अधिकारों को पहचानें, क्योंकि एक जागरूक नारी ही अपने खिलाफ होने वाले अन्याय के विरुद्ध मजबूती से खड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि अधिकारों की जानकारी ही बचाव की पहली सीढ़ी है। अक्सर जानकारी के अभाव में महिलाएं शोषण सहती रहती हैं। राज्य महिला आयोग अब एक मित्र और मार्गदर्शककी भूमिका निभाएगा। हम हर जिले में महिलाओं तक पहुंचेंगे ताकि वे बिना किसी डर के अपनी बात रख सकें।

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इस अवसर पर आयोग के सदस्य सचिव श्री सुरेश तोमर सहित वरिष्ठ अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित 

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