सुदूर अंचलों में आयुष स्वास्थ्य सेवाएं होंगी और सुदृढ़ : आयुष मंत्री परमार

भोपाल

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  परमार के निर्देश पर, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आयुष चिकित्सकीय सुविधाओं को सुचारू रूप सें संचालित किये जाने के दृष्टिगत जिले में पदस्थ आयुष चिकित्सकों (शासकीय/संविदा/एनआरएचएम) की उपस्थिति सार्थक ऐप के माध्यम से सुनिश्चित किए जाने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही आयुष महाविद्यालयों के संकाय स्टॉफ की उपस्थिति, एनसीआइएसएम के मापदण्ड अनुसार, आधार बेस्ड सिस्टम से दर्ज कराया जाना सुनिश्चित करने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

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आयुष मंत्री  परमार ने कहा है कि आयुष चिकित्सकों के समयबद्ध चिकित्सालयों में उपस्थिति से, सुदूर अंचलों सहित शहरी क्षेत्रों में आयुष चिकित्सा सेवाएं और सुदृढ़ होंगी और आमजन को स्वास्थ्य सुविधाओं का सुलभता से लाभ मिल सकेगा।

प्रमुख सचिव आयुष  शोभित जैन ने बताया कि आयुष विभाग, विभिन्न रोगियों को उपचार सुविधा देने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में विभागीय चिकित्सकीय संस्थाओं में, आयुष चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। इन स्वास्थ्य सेवाओं से आमजन को लाभान्वित करने के लिए, संस्थान में पदस्थ अधिकारियों/चिकित्सकों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए यह दिशा निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे विभिन्न रोगियों को शासकीय आयुष संस्थाओं से समय पर उपचार प्राप्त हो और शासन की महती योजनाओं का आमजन को प्रभावी रूप से लाभ मिल सके।  जैन ने बताया कि समस्त आयुष चिकित्सकों की उपस्थिति सार्थक ऐप के माध्यम से मॉनिटर करने के लिए, जिला आयुष अधिकारियों को निर्देशित किया गया है एवं महाविद्यालयों में संकाय स्टॉफ की उपस्थिति, एनसीआइएसएम के मापदण्ड अनुसार, आधार बेस्ड सिस्टम से दर्ज कराए जाने को लेकर प्रधानाचार्य एवं अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है।

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