वकील के रूप में HC पहुंचीं ममता, शुभेंदु अधिकारी का तंज- फालतू काम में वक्त नहीं गंवाऊंगा

कलकत्ता

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पूर्व ममता बनर्जी ने खुद एक केस की पैरवी की थी। उन्होंने वकील बनकर आदलत में बहस की थी। चुनाव में उन्हें करारी हाल झेलनी पड़ी। आज जब वह कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं तो वह फिर एकबार वकील के लिबास में नजर आईं। ममता के इस कदम के बारे में जब पश्चिम बंगाल के नए-नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनके पास बहुत काम हैं। इन बातों पर प्रतिक्रिया देने का समय नहीं है।

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मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "मेरे पास बहुत काम है। मेरे पास छोटी-मोटी बातों में उलझने का समय नहीं है। समय बहुत कीमती है। मैं बेमतलब के मुद्दों में नहीं उलझा हुआ हूं।"

आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने वकीलों के लिए तय की गई पोशाक पहनकर कोर्टरूम में प्रवेश किया। ममता बनर्जी चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े मामलों के सिलसिले में कोर्ट में पेश हुईं। उस दिन कोर्ट में उनके साथ चंद्रिमा भट्टाचार्य और कल्याण बनर्जी भी मौजूद थे।

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विधानसभा चुनावों के बाद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अशांति की खबरें सामने आई हैं। इन आरोपों के मद्देनजर तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी के वकील बेटे शीर्षान्या बनर्जी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। इस मामले की सुनवाई गुरुवार को हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पाल और न्यायाधीश पार्थसारथी सेन की पीठ के समक्ष होनी है।

12 मई को तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों के संबंध में एक याचिका दायर की। पार्टी की ओर से वकील शीर्षान्या बनर्जी ने जनहित याचिका (PIL) दायर की। मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल और न्यायाधीश पार्थसारथी सेन की खंडपीठ का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित किया गया और मामले की शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया गया। इसके बाद खंडपीठ ने निर्देश दिया कि इस मामले की सुनवाई आज यानी कि गुरुवार को की जाएगी।

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