पाकिस्तान के दावे की खुली पोल, जिन एयरबेस पर फतह-1 मिसाइल दागने की बात कही वो मौजूद ही नहीं

इस्लामाबाद 

पाकिस्तान में जियो न्यूज चैनल ने हाल ही में एक इंटरव्यू चलाया, जिसमें ऑपरेशन बुनयान अल-मरसूस के दौरान फतह-1 मिसाइलें दागने वाले लॉन्च टीम के सदस्यों से बात की गई. इस इंटरव्यू में पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि उनकी मिसाइलों ने भारत के दो सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया. लेकिन इस दावे पर सवाल उठ गए हैं, क्योंकि उन्होंने जिन एयरबेसों का जिक्र किया है, वो भारत में हैं हीं नहीं। 

जियो न्यूज ने उन व्यक्तियों का इंटरव्यू दिखाया जिन्हें फतह-1 मिसाइल लॉन्च टीम का हिस्सा बताया गया. एंकर ने उनसे सीधा सवाल किया कि क्या फतह-1 मिसाइलें अपने तय टारगेट पर सही से गिरीं या नहीं. इसपर कैप्टन मुनीब जमाल ने जवाब दिया- एग्जेटली. हमें दो टारगेट सौंपे गए थे – राजौरी एयरबेस और मामून एयरबेस. हमने दोनों को सफलतापूर्वक एंगेज किया। 

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यह इंटरव्यू पाकिस्तान में काफी दिखाया गया, जिसमें दावा किया गया कि मिसाइलें सटीक रूप से अपने टारगेट पर पहुंचीं और मिशन सफल रहा. लेकिन जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर फैली, लोगों ने इन टारगेट्स की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए। 

राजौरी और मामून एयरबेस – जो भारत में हैं ही नहीं
पाकिस्तानी अधिकारी द्वारा बताए गए दोनों नामों पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत में राजौरी एयरबेस और मामून एयरबेस नाम से कोई भारतीय वायुसेना का एयरबेस मौजूद ही नहीं है. राजौरी जम्मू-कश्मीर का एक जिला है, जहां भारतीय सेना की कुछ यूनिट्स तैनात हैं, लेकिन वहां कोई ऑपरेशनल एयरफोर्स बेस नहीं हैं। 

इसी तरह मामून पठानकोट के पास एक सैन्य कैंटोनमेंट इलाका है, जहां मुख्य रूप से आर्मी की ब्रिगेड और अन्य यूनिट्स रहती हैं. वहां भी कोई एयरबेस नहीं है. विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी टीम ने शायद स्थानीय सैन्य ठिकानों के नामों को गलत तरीके से एयरबेस बता दिया या जानबूझकर प्रचार के लिए गलत नाम इस्तेमाल किया। 

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दावे पर उठे सवाल
यह दावा सामने आने के बाद सोशल मीडिया और डिफेंस एनालिस्ट्स ने इसे फेक टारगेट वाला दावा करार दिया. भारत में कई असली एयरबेस जैसे पठानकोट, जम्मू, श्रीनगर, उधमपुर आदि मौजूद हैं, लेकिन पाकिस्तानी अधिकारी उनमें से किसी का भी सही नाम नहीं ले पाए। 

इस घटना ने पाकिस्तानी मीडिया और सेना के दावों की विश्वसनीयता पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं. कई लोग इसे युद्ध के दौरान अपने लोगों को मनोबल बढ़ाने के लिए किया गया प्रचार मान रहे हैं। 

फतह-1 मिसाइल और ऑपरेशन बुनयान अल-मरसूस
फतह-1 पाकिस्तान की सतह से सतह पर मार करने वाली गाइडेड मिसाइल है, जिसे हाल के वर्षों में विकसित किया गया है. ऑपरेशन बुनयान अल-मरसूस के दौरान पाकिस्तान ने इन मिसाइलों का इस्तेमाल भारत के ठिकानों पर करने का दावा किया था। 

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लेकिन जब टारगेट के नाम ही गलत या अस्तित्वहीन निकलते हैं, तो मिसाइल की सटीकता और मिशन की सफलता पर शंका होती है. भारतीय अधिकारियों ने अब तक इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन डिफेंस सर्किल में इसे पाकिस्तानी प्रोपगैंडा का हिस्सा माना जा रहा है। 

जियो न्यूज का यह इंटरव्यू एक बार फिर दिखाता है कि युद्ध या तनाव के समय दोनों तरफ से सूचना युद्ध भी जोरों पर होता है. पाकिस्तान ने फतह-1 मिसाइलों की सफलता का दावा तो किया, लेकिन जिन एयरबेस का जिक्र किया गया, वे भारत में हैं ही नहीं। 

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