टेस्ट क्रिकेट के नियमों में बड़ा बदलाव! Team India खिलाड़ियों की रणनीति पर पड़ेगा सीधा असर

नईदिल्ली 

क्रिकेट की दुनिया में जल्द ही बहुत कुछ बदलता हुआ नजर आ सकता है. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) प्लेइंग कंडीशन्स में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है और इन प्रस्तावों ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है. सबसे चौंकाने वाला प्रस्ताव टेस्ट क्रिकेट से जुड़ा है, जहां अब एक ही मैच में लाल गेंद और गुलाबी गेंद दोनों का इस्तेमाल देखने को मिल सकता है. इसके अलावा T20 मैचों के ब्रेक टाइम, कोच की मैदान पर एंट्री और संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन पर भी नए नियम लागू होंगे। 

क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक ICC इन सभी बदलावों पर गंभीरता से विचार कर रहा है. 30 मई को अहमदाबाद में होने वाली आईसीसी बोर्ड मीटिंग में इन प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है. अगर सब कुछ तय रहा तो नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू किए जा सकते हैं। 

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♦ आईसीसी का सबसे बड़ा और सबसे चर्चित प्रस्ताव टेस्ट क्रिकेट को लेकर है, चर्चा है कि अगर किसी टेस्ट मैच में खराब मौसम या रोशनी की समस्या आती है और खेल को फ्लडलाइट्स में जारी रखना पड़े, तो दोनों टीमों की सहमति से लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद इस्तेमाल की जा सकेगी। 

यानी पहली बार ऐसा हो सकता है कि एक ही टेस्ट मैच में रेड बॉल और पिंक बॉल दोनों देखने को मिलें. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि मैच के बीच गेंद बदलने की प्रक्रिया कैसी होगी और इसका बल्लेबाजों और गेंदबाजों पर क्या असर पड़ेगा. लेकिन आईसीसी इस बदलाव को लेकर गंभीर दिखाई दे रही है। 

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♦ आईसीसी ओडीआई क्रिकेट में भी बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. नए प्रस्ताव के तहत अब ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान हेड कोच को मैदान पर जाकर खिलाड़ियों से बात करने की अनुमति मिल सकती है. मौजूदा नियमों के मुताबिक सिर्फ सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी ही ड्रिंक्स लेकर मैदान पर जा सकते हैं. हालांकि T20 इंटरनेशनल में कोच को पहले से यह अनुमति है. अगर यह नियम लागू होता है, तो वनडे मैचों में भी रणनीतिक चर्चाएं सीधे मैदान पर देखने को मिल सकती हैं। 

♦ आईसीसी T20 इंटरनेशनल क्रिकेट को और तेज बनाने की तैयारी में है. प्रस्ताव के मुताबिक अब दोनों पारियों के बीच मिलने वाला 20 मिनट का ब्रेक घटाकर सिर्फ 15 मिनट किया जा सकता है. इसका मतलब खिलाड़ियों को आराम, प्लानिंग और रणनीति बनाने के लिए 5 मिनट कम मिलेंगे। 

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♦ आईसीसी अब संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के खिलाफ भी कड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. प्रस्ताव है कि ऑन फील्ड अंपायरों को Hawk-Eye डेटा इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए, ताकि मैच के दौरान ही गेंदबाज के एक्शन की जांच की जा सके. अगर यह नियम लागू हुआ, तो चकिंग को लेकर विवादों पर काफी हद तक लगाम लग सकती है। 

बताया जा रहा है कि इन सभी प्रस्तावों पर आईसीसी चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटी (CEC) की वर्चुअल मीटिंग में चर्चा हुई, जिसमें आईसीसी क्रिकेट कमेटी के चेयरमैन सौरव गांगुली भी शामिल हुए। 

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