‘गंदा धर्म’ बयान पर घिरीं ममता बनर्जी, TMC में भी उठने लगे विरोध के स्वर

कलकत्ता

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सिलीगुड़ी में ममता बनर्जी के खिलाफ एक वकील की शिकायत पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने पिछले साल कोलकाता में ईद के एक कार्यक्रम के दौरान हिंदू धर्म को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिससे करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर ममता बनर्जी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। ममता के खिलाफ धारा 351 (1)- आपराधिक धमकी, धारा 352- शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर किया गया अपमान और धारा 353- विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी, नफरत या द्वेष की भावना को बढ़ावा देना के तहत मामला दर्ज किया गया है।

यह शिकायत वकील रिंकी चटर्जी द्वारा दर्ज कराई गई है। उन्होंने अपनी शिकायत में साल 2025 में कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित ईद-उल-फितर के कार्यक्रम में दिए गए ममता बनर्जी के भाषण का हवाला दिया है।

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क्या कहा था ममता ने?
पिछले साल ईद के मंच से भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने कथित तौर पर कहा था, "मैं उस गंदे धर्म को नहीं मानती जिसे इस 'जुमला पार्टी' ने जानबूझकर गढ़ा है।" आरोप है कि उन्होंने भाजपा द्वारा प्रचारित हिंदू धर्म के स्वरूप को गंदा धर्म कहकर संबोधित किया था।

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख ने 31 मार्च 2025 को एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने लिखा था, 'क्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री (तत्कालीन) ममता बनर्जी के लिए सनातन धर्म एक गंदा धर्म है? उनके शासनकाल में कई हिंदू-विरोधी दंगे होने के बावजूद, उनमें हिंदुओं का मजाक उड़ाने और उनकी आस्था का अपमान करने की हिम्मत है। एक बार फिर उन्होंने मुसलमानों को हिंदुओं को निशाना बनाने की खुली छूट दे दी है। इस बार एक ऐसे धार्मिक मंच से, जो ईद मनाने के लिए था। उन पर शर्म आती है।'

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वहीं, शिकायतकर्ता रिंकी चटर्जी का कहना है कि एक मुस्लिम धार्मिक सभा के मंच से सनातन धर्म को गंदा कहना पूरी तरह से अस्वीकार्य है और इससे भारत सहित दुनिया भर के हिंदुओं का अपमान हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कानून इस मामले में उचित और सख्त कार्रवाई करेगा। रिंकी चटर्जी ने अपनी शिकायत में कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्ववर्ती सरकार के मंत्रियों ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार हिंदू धर्म को निशाना बनाया है, जिसमें ममता बनर्जी का यह बयान सबसे गंभीर था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि ममता बनर्जी ने साल 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी हिंदू समुदाय को परोक्ष रूप से धमकी दी थी।

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TMC के भीतर से उठे विरोध के सुर
इस कानूनी कार्रवाई के बाद तृणमूल कांग्रेस बैकफुट पर नजर आ रही है। जब इस एफआईआर को लेकर टीएमसी की दार्जिलिंग इकाई के महासचिव और पेशे से वकील अत्री शर्मा से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने पार्टी प्रवक्ता के रूप में तो कुछ नहीं कहा लेकिन व्यक्तिगत तौर पर एक बेहद चौंकाने वाला बयान दिया। अत्री शर्मा ने स्वीकार किया कि जब तृणमूल सत्ता में थी तब भी पार्टी के भीतर कई लोग इस बयान के खिलाफ थे। उन्होंने कहा, "उस समय सत्ता की कमान संभालते हुए ममता बनर्जी के लिए इस तरह की टिप्पणी करना वास्तव में अनुचित था। यहां तक कि हममें से जो लोग उस समय से पार्टी के प्रति वफादार रहे हैं, उन्होंने भी उन विशेष टिप्पणियों का कभी समर्थन नहीं किया। देश के हर नागरिक को शिकायत दर्ज कराने का नैतिक अधिकार है।"

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