पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली’ विषय पर प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन 30-31 मई को भोपाल में

भोपाल 

‘मेनस्ट्रीमिंग-एलआईएफईः पर्यावरण अनुकूल टिकाऊ शहरी आवासों का निर्माण’ विषय पर प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन भोपाल में 30 एवं 31 मई को आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, शोधकर्ता, पर्यावरणविदो और नागरिक पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली और उससे संबंधित शहरी विकास के संबंध में विचार-विमर्श करेंगे। सम्मेलन का आयोजन सोसाइटी ऑफ नेचर हीलर्स एंड कंज़र्वेटर्स (एसएनएचसी इंडिया) द्वारा मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड के सहयोग से किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें :  भोजशाला के पत्थरों से खुला सदियों पुराना राज, अब नजरें 16 मार्च की सुनवाई पर

राष्ट्रीय सम्मेलन में शहरी जैव-विविधता संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, सस्टेनेबल शहरी विकास, पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होगी। सम्मेलन का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच शहरों को अधिक पर्यावरण अनुकूल, टिकाऊ और जलवायु-सक्षम बनाने के लिए व्यवहारिक समाधान एवं नीति-आधारित सुझावों को बढ़ावा देना है। एसएनएचसी इंडिया विगत कई वर्ष से पर्यावरण संरक्षण, शहरी जैव-विविधता संवर्धन तथा जल संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। हाल ही में सम्मेलन के आधिकारिक पोस्टर एवं ब्रोशर का विमोचन प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख,  शुभरंजन सेन तथा मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव एवं भारतीय वन सेवा (सेवानिवृत्त) अधिकारी  सुदीप सिंह द्वारा किया गया।

ये भी पढ़ें :  मध्यप्रदेश हर परिस्थिति में केन्द्र के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सम्मेलन केवल पर्यावरणीय चुनौतियों पर चर्चा का मंच नहीं होगा, बल्कि नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित भी करेगा। सम्मेलन का मूल उद्देश्य प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रतिपादित लाइफ (Lifestyle for Environment) की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाना और उसे व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित करना है।

ये भी पढ़ें :  भोपाल में हुआ ‘पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली’ विषय पर प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन

देशभर से विभिन्न आयु वर्गों, व्यवसायों एवं पृष्ठभूमियों से आने वाले प्रतिभागियों की सहभागिता से यह सम्मेलन ज्ञान-विनिमय, नीति संवाद और सामूहिक कार्यवाही का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्ष एवं सुझाव सतत शहरी नियोजन, जैव-विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने में उपयोगी सिद्ध होंगे।

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment