FD निवेशकों के लिए बड़ी खबर! RBI का नया ड्राफ्ट नियम, ब्याज कमाई बढ़ने के आसार

 नई दिल्‍ली

भारतीय रिजर्व बैंक ने एक ड्राफ्ट नियम प्रस्‍तावित किया है. इसके तहत अब आपके फिक्‍स डिपॉजिट और बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्‍याज को अधिक लचीलापन बनाया जाएगा. बैंक मनमाने तरीके से ब्‍याज दर नहीं दे सकते हैं और पहले से ही उन्‍हें अपने वेबसाइट पर ब्‍याज दरों के बारे में जानकारी देनी होगी. अगर ये नियम लागू होते हैं तो FD निवेशकों के लिए अलग-अलग बैंकों की ब्‍याज दरों की तुलना करना आसान हो जाएगा। 

RBI ने इन ड्रॉफ्ट नियम को सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किया है. इनका उद्देश्य बैंकों को रुपये में मिले बड़े डिपॉजिट्स की ब्याज दर तय करने की अधिक स्वतंत्रता देना और जमा ब्याज दरों के खुलासे में एकरूपता लाना है. 20 जून तक अपनी राय दे सकते हैं। 

इस नियम से क्या बदलने वाला है?
इन प्रस्तावित नियमों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू पारदर्शिता लाना है. RBI ने प्रस्ताव दिया है कि सभी बैंक हर कारोबारी दिन शुरू होने से पहले अपनी वेबसाइट पर जमा योजनाओं की ब्याज दरें दिखा सकते हैं. इस नियम के अनुसार, जमा पर देय ब्याज दरें बैंक की वेबसाइट पर कारोबारी दिन शुरू होने से पहले घोषित ब्याज दरों के अनुसार ही होंगी। 

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इसका मतलब है कि बैंक FD और अन्य जमा योजनाओं की ब्याज दरें पहले से सार्वजनिक करेंगे, जिससे ग्राहकों को अलग-अलग बैंकों की योजनाओं की तुलना करने में आसानी होगी. यह कदम ब्याज दरों को लेकर अस्पष्टता कम करेगा और FD में निवेश करने वाले ग्राहकों के लिए अधिक स्पष्टता लाएगा। 

बल्क डिपॉजिट क्या होते हैं?
प्रस्तावित बदलाव मुख्य रूप से बल्क डिपॉजिट से जुड़े हैं. बल्क डिपॉजिट वे बड़ी राशि वाले जमा होते हैं, जो व्यक्ति, कंपनियां, संस्थान और हाई नेटवर्थ (HNI) ग्राहक बैंकों में जमा करते हैं. नए मसौदे के तहत बैंक अपनी फंडिंग जरूरतों और नकदी की स्थिति के आधार पर इन बड़े जमाओं पर अलग-अलग ब्याज दरें दे सकेंगे। 

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RBI के अनुसार, बैंकों को बल्क डिपॉजिट पर अलग-अलग ब्याज दरें देने की स्वतंत्रता होगी. अगर किसी बैंक को अधिक धन जुटाने की जरूरत होगी, तो वह बड़े जमाकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए ज्यादा ब्याज दर दे सकता है. वहीं पर्याप्त नकदी वाले बैंक कम ब्याज दर भी दे सकते हैं। 

FD निवेशकों पर इसका क्या असर होगा?
सामान्य रिटेल FD निवेशकों पर इसका तत्काल प्रभाव सीमित हो सकता है क्योंकि प्रस्ताव सीधे तौर पर रिटेल FD नियमों में बदलाव नहीं करता है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इसका असर पूरे डिपॉजिट मार्केट पर पड़ सकता है। 

सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (CFP) श्वेता शास्त्री के अनुसार, पहले लगभग सभी बैंकों की FD दरें एक जैसी होती थीं, लेकिन आगे चलकर जमा राशि, अवधि और बैंक की फंडिंग जरूरत के आधार पर ब्याज दरों में उल्लेखनीय अंतर दिखाई दे सकता है. उनका सुझाव है कि FD रिन्यू कराने से पहले निवेशकों को अलग-अलग बैंकों की दरों की तुलना करनी चाहिए और बड़ी राशि जमा करने की स्थिति में बेहतर ब्याज दर के लिए बैंक से बातचीत भी करनी चाहिए. हालांकि केवल सबसे ऊंची ब्याज दर को देखकर निवेश नहीं करना चाहिए। 

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एफडी में निवेश से पहले देखें ये चीजें 

    समय से पहले FD तोड़ने पर लगने वाला जुर्माना 
    स्वीप-इन FD सुविधा
    जरूरत पड़ने पर धन की उपलब्धता 
    ब्याज भुगतान का विकल्प (मासिक, तिमाही या मैच्योरिटी पर)
    वर्तमान FD ब्याज दरें

कौन दे रहा एफडी पर ज्‍यादा रिटर्न 

    सुर्वोदय स्‍माल फाइनेंस बैंक – 8.10% तक
    उत्‍कर्ष स्‍माल फाइनेंस बैंक – 8.10% तक
    जाना स्‍माल फाइनेंस बैंक – 7.77% तक

 

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