लोहरसी आयुर्वेदिक औषधालय में दर्द प्रबंधन हेतु कपिंग थेरेपी एवं विशेष आयुर्वेदिक उपचार सेवाओं का आरंभ

सियान जतन कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय, लोहरसी में "Pain Management through Ayurveda" विषय पर दर्द प्रबंधन हेतु विशेष आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं का आरंभ किया गया है। इस पहल का उद्देश्य घुटने के दर्द (Knee Joint Pain), कमर दर्द, गर्दन दर्द, स्पॉन्डिलाइटिस, फ्रोजन शोल्डर तथा अन्य वातजन्य रोगों से पीड़ित मरीजों को प्रभावी एवं सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम के अंतर्गत मरीजों के लिए कपिंग थेरेपी (Cupping Therapy) आरंभ की गई है, जो मांसपेशियों के तनाव, दर्द, सूजन एवं रक्त संचार में सुधार हेतु उपयोगी मानी जाती है। इसके अतिरिक्त औषधालय में ड्राय कपिंग, अग्निकर्म एवं विद्धकर्म जैसी विशेष आयुर्वेदिक उपचार प्रक्रियाओं का भी आरंभ किया जा रहा है। इन चिकित्सा पद्धतियों का उपयोग विभिन्न प्रकार के अस्थि-संधि एवं मांसपेशीय विकारों, स्पॉन्डिलाइटिस, फ्रोजन शोल्डर, साइटिका तथा पुराने दर्द संबंधी समस्याओं के प्रबंधन में किया जाएगा।

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सियान जतन कार्यक्रम के तहत विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को इन सेवाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे बढ़ती आयु के साथ होने वाली दर्द एवं गतिशीलता संबंधी समस्याओं से राहत प्राप्त कर सकें। आयुर्वेद की पारंपरिक ज्ञान-परंपरा एवं आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय से यह पहल क्षेत्रवासियों को सुलभ, सुरक्षित तथा प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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इस अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. वर्षा ने बताया कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित खान-पान एवं शारीरिक श्रम की कमी के कारण जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, सर्वाइकल एवं अन्य वातजन्य रोगों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगों की रोकथाम एवं समग्र स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद शरीर, मन एवं जीवनशैली के संतुलन पर आधारित चिकित्सा पद्धति है, जो रोग के मूल कारण को समझकर उपचार करने का प्रयास करती है। कपिंग थेरेपी, अग्निकर्म एवं विद्धकर्म जैसी प्रक्रियाएं दर्द प्रबंधन में प्रभावी सिद्ध हो रही हैं तथा कई मरीजों को दीर्घकालिक राहत प्रदान कर रही हैं। उन्होंने नागरिकों से नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार, योग एवं आयुर्वेदिक परामर्श को अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने का आग्रह किया।

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शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय, लोहरसी द्वारा क्षेत्र के नागरिकों से अपील की गई है कि वे आयुर्वेद की इन विशेष उपचार सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं तथा स्वस्थ, सक्रिय एवं रोगमुक्त जीवन की ओर अग्रसर हों।

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