मनप्रीत सिंह ने रचा इतिहास: 413 मैच खेलकर बने टीम इंडिया के सबसे अनुभवी खिलाड़ी

 नई दिल्ली
 भारतीय हॉकी टीम के लिए दिग्गज खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने इतिहास रच दिया है। वे अब टीम इंडिया के लिए सबसे अधिक मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने ये उपलब्धि एफआईएच हॉकी प्रो लीग में नीदरलैंड्स के खिलाफ दी। इस मौके पर हॉकी इंडिया ने उन्हें बधाई दी है और 10 लाख रुपए की राशि देने का भी एलान किया है।

मिडफील्ड के स्टार खिलाड़ी ने नीदरलैंड्स के खिलाफ अपना 413वां मुकाबला खेला और इस मैच में मैदान पर कदम रखते ही मनप्रीत ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने पूर्व दिग्गज खिलाड़ी दिलीप तिरके का रिकॉर्ड तोड़ा है, जो वर्तमान में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। 2011 में 19 साल की उम्र में डेब्यू करने वाले मनप्रीत पिछले 15 सालों से भारतीय हॉकी टीम के लिए रीढ़ की हड्डी बने हुए हैं।

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मनप्रीत सिंह ने तोड़ा दिलीप तिरके का रिकॉर्ड
मनप्रीत सिंह ने पूर्व कप्तान और मौजूदा हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप तिरके के 412 मैचों के रिकॉर्ड को पार कर लिया। यह उपलब्धि नीदरलैंड्स के रॉटरडैम में जर्मनी के खिलाफ एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2025-26 मैच के दौरान हासिल हुई। हॉकी इंडिया ने इस बड़ी उपलब्धि पर मनप्रीत को बधाई दी और उन्हें 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।

मनप्रीत ने 2011 में किया था डेब्यू
2011 में 19 साल की उम्र में सीनियर टीम में डेब्यू करने वाले मनप्रीत पिछले 15 साल से भारतीय हॉकी की रीढ़ बने हुए हैं। वे मैदान पर कभी थकते नहीं दिखते। तेजी, नेतृत्व और निरंतरता के लिए मशहूर मनप्रीत ने भारतीय हॉकी को दुनिया के नक्शे पर फिर से मजबूती से जगह दिलाई है। अब 33 साल के मनप्रीत विश्व हॉकी के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे पुरुष अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा कैप्स की सूची में पांचवें स्थान पर हैं। उनसे आगे केवल चार खिलाड़ी हैं। वे दुनिया के एकमात्र सक्रिय खिलाड़ी भी हैं जिन्होंने 400 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।

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मनप्रीत को अब तक मिल चुके हैं कई पुरस्कार
मनप्रीत सिंह की यात्रा चुनौतियों और सफलताओं से भरी रही है। लंदन 2012 ओलंपिक में पहला अनुभव कठिन रहा, लेकिन टोक्यो 2021 में उन्होंने टीम को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद पेरिस 2024 में भी टीम को लगातार दूसरा ब्रॉन्ज मिला। उनके नाम एशियन गेम्स 2014 और 2022 में स्वर्ण पदक, 2017 और 2025 एशिया कप खिताब और कई एशियन चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं। मिथापुर, जालंधर से आने वाले मनप्रीत को 2018 में अर्जुन पुरस्कार और 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।

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मनप्रीत सिंह ने जताई खुशी
इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए मनप्रीत ने कहा, "भारत के लिए इतने मैच खेलना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। देश का प्रतिनिधित्व करना हमेशा सबसे बड़ा सम्मान रहा है। इस मुकाम तक पहुंचकर मैं बेहद खुश हूं।" उन्होंने आगे कहा, "यह उपलब्धि अपने सभी साथी खिलाड़ियों को समर्पित करता हूं। हॉकी इंडिया का हर कदम पर सहयोग मिला। मेरी मां, भाइयों, पत्नी और बच्चों ने बिना शर्त साथ दिया। वे ही मेरी ताकत हैं।"

 

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