मोदी कैबिनेट फेरबदल की चर्चा तेज: क्या इन दिग्गज नेताओं को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी? BJP की नई टीम भी तैयार

नई दिल्ली
 मोदी कैबिनेट में बड़े बदलाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी अपनी नई टीम का खाका तैयार कर चुके हैं. दो जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह, नितिन नवीन और बीएल संतोष के बीच एक बहुत अहम बैठक हुई. तीन घंटे तक चली इस सीक्रेट मीटिंग में सरकार और संगठन के नए चेहरों पर मुहर लगी है. यह रिशफल सिर्फ एक सामान्य बदलाव भर नहीं है. इसके पीछे बहुत बड़ी इलेक्शन रणनीति काम कर रही है. कई दिग्गज मंत्रियों की कुर्सी बदल सकती है. संगठन के कई पुराने नेताओं को सरकार में शामिल किया जा सकता है. यह सारी कवायद आगामी राज्य विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर हो रही है. खासकर उन राज्यों पर फोकस है जहां पार्टी को अपना दम दिखाना है. एनडीए के सहयोगियों को भी कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है. आइए जानते हैं कि इस बड़े बदलाव में किन नेताओं के आएंगे ‘बहुत अच्छे दिन। 

क्या होगा नितिन नवीन की नई टीम का स्ट्रक्चर और रणनीति?
नितिन नवीन महज 45 साल की उम्र में बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं. उनकी नई टीम में कई युवा और फ्रेश चेहरे शामिल होने जा रहे हैं. संगठन के इस नए स्ट्रक्चर में अनुभव और नई पीढ़ी का एक शानदार बैलेंस देखने को मिलेगा. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, महासचिव और केंद्रीय मीडिया टीम में नियुक्तियों पर अंतिम चर्चा हो रही है. इस नई टीम को क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों के हिसाब से डिजाइन किया जा रहा है. उन राज्यों को सबसे ज्यादा तरजीह मिल रही है जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. पार्टी का पूरा फोकस जमीनी स्तर पर मजबूती लाने पर है। 

कैबिनेट फेरबदल में किन दिग्गज मंत्रियों का बदल सकता है विभाग?

  •     कैबिनेट रिशफल को लेकर सत्ता के गलियारों में हलचल बहुत तेज है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कई केंद्रीय मंत्रियों को अब संगठन में भेजा जा सकता है. वहीं संगठन के कई दिग्गज नेताओं को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। 
  •     मौजूदा कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल का नाम फाइनेंस मिनिस्टर के तौर पर सबसे आगे चल रहा है. गोयल एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उनका बैकग्राउंड देश की इकॉनमी को बहुत अच्छे से समझता है। 
  •     वहीं मौजूदा फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण को एजुकेशन मिनिस्ट्री की कमान मिल सकती है. यह एजुकेशन सेक्टर भी सरकार के लिए बहुत अहम है और यहां बड़े रिफॉर्म्स की जरूरत है। 
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क्या अनुराग ठाकुर की कैबिनेट में होगी एक शानदार वापसी?
अनुराग सिंह ठाकुर के नाम पर भी दिल्ली में बहुत चर्चा हो रही है. उन्हें फिर से कैबिनेट रैंक के साथ एक बड़ा पोर्टफोलियो दिया जा सकता है. अनुराग का यूथ कनेक्शन उनके फेवर में काम कर रहा है. इसके अलावा पूर्व आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का नाम भी रेस में है. सरकार इकॉनमी को रफ्तार देने के लिए बड़े टेक्नोक्रेट्स पर पूरा भरोसा जता सकती है। 

पंजाब से तरुण चुघ को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है. उन्हें कैबिनेट में बड़ी जगह मिल सकती है जिससे पंजाब में पार्टी मजबूत हो. जिन मंत्रियों का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनकी जगह भी नए चेहरों को मौका मिलेगा. इसमें हरदीप पुरी और बीएल वर्मा जैसे बड़े नाम शामिल हैं. कुछ पुराने मंत्रियों को गवर्नर बनाकर अलग राज्यों में भेजा जा सकता है। 

एनडीए सहयोगियों और नए चेहरों को मिलेगा कैबिनेट में बड़ा इनाम!

  • मोदी कैबिनेट में एनडीए सहयोगियों को खुश रखने पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है. हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में आए राघव चड्ढा का नाम भी चर्चा में है. उन्हें पंजाब के कोटे से कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है. इससे पंजाब में बीजेपी का ग्राफ ऊपर जाएगा। 
  • शिवसेना गुट की ताकत भी लगातार बढ़ रही है. इसके चलते श्रीकांत शिंदे या एकनाथ शिंदे के किसी करीबी नेता को मंत्री पद मिलना लगभग तय है। 
  • जेडीयू चीफ नीतीश कुमार भी केंद्र में अपनी पार्टी के लिए बड़ा रोल चाहते हैं. उनकी डिमांड को देखते हुए जेडीयू का वजन कैबिनेट में बढ़ सकता है। 
  • इसके साथ ही संजय दीना पाटिल को हेल्थ सेक्टर में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. पाटिल को मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर हेल्थ बनाया जा सकता है.

बीजेपी संसदीय बोर्ड में होने जा रहा है अहम बदलाव

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    बीजेपी का संसदीय बोर्ड पार्टी की सबसे बड़ी डिसीजन मेकिंग बॉडी है. इसमें 11 सदस्य होते हैं और अब इसका भी पूरा पुनर्गठन हो रहा है. कई बड़े नेताओं को इस कोर बोर्ड में एंट्री मिल सकती है. राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े का नाम इसमें सबसे आगे है. उनका ऑर्गेनाइजेशनल स्किल बहुत शानदार है और वे महाराष्ट्र के अहम नेता हैं। 

    पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जीत के रणनीतिकार सुनील बंसल को भी प्रमोट किया जा सकता है. उन्हें नेशनल इलेक्शन प्लानिंग की कमान मिल सकती है. इसके अलावा महाराष्ट्र के नेता देवेंद्र फडणवीस का नाम भी इस लिस्ट में है. उन्हें पश्चिमी भारत के प्रतिनिधित्व के लिए बोर्ड में लाया जा सकता है। 

शिवराज सिंह चौहान बनेंगे हिंदी हार्टलैंड के सबसे बड़े डिसीजन मेकर!

    संसदीय बोर्ड में मध्य प्रदेश के दिग्गज नेता शिवराज सिंह चौहान के नाम पर भी मुहर लग सकती है. आरएसएस के साथ चर्चा के बाद उनकी दावेदारी बहुत मजबूत हुई है. उन्हें हिंदी पट्टी के राज्यों में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। 

    जेपी संगठन में आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक सिस्टम की तर्ज पर बदलाव होने जा रहा है. टॉप नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों का प्रभारी बनाया जा सकता है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘यह नया बदलाव पूरी तरह से मिशन 2029 को ध्यान में रखकर किया जा रहा है’ .
    राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी को उत्तर और पश्चिम भारत की कमान मिल सकती है. सर्बानंद सोनोवाल को नॉर्थईस्ट और के लक्ष्मण को दक्षिण भारत की जिम्मेदारी दी जा सकती है। 

नेता का नाम संभावित जिम्मेदारी मुख्य कारण
नितिन नबीन बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा और फ्रेश चेहरों के साथ संगठन का नया स्ट्रक्चर बनाना.
पीयूष गोयल फाइनेंस मिनिस्टर (संभावित) चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के नाते इकॉनमी की गहरी समझ.
निर्मला सीतारमण एजुकेशन मिनिस्टर (संभावित) एजुकेशन सेक्टर में बड़े बदलाव और रिफॉर्म्स लागू करना.
अनुराग ठाकुर कैबिनेट में शानदार वापसी यूथ कनेक्शन और बड़े पोर्टफोलियो के साथ मजबूत दावेदारी.
शक्तिकांत दास कैबिनेट में नई एंट्री इकॉनमी को रफ्तार देने के लिए टेक्नोक्रेट चेहरे पर दांव.
राघव चड्ढा कैबिनेट मंत्री (पंजाब कोटा) पंजाब में बीजेपी का ग्राफ बढ़ाना और पार्टी को मजबूती देना.
विनोद तावड़े संसदीय बोर्ड में शामिल होने की अटकलें ऑर्गेनाइजेशनल स्किल और महाराष्ट्र-केंद्र के बीच ब्रिज.
सुनील बंसल संसदीय बोर्ड में प्रमोशन की चर्चा नेशनल इलेक्शन प्लानिंग का जिम्मा और नई रणनीति बनाना.
शिवराज सिंह चौहान संसदीय बोर्ड में संभावित एंट्री हिंदी पट्टी के राज्यों में फैसले लेने की बड़ी कमान.
राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी उत्तर-पश्चिम भारत के रीजनल इंचार्ज आरएसएस की तर्ज पर बड़े क्षेत्रों की सीधी निगरानी.
सर्बानंद सोनोवाल नॉर्थईस्ट के रीजनल इंचार्ज पूर्वोत्तर और आदिवासी बेल्ट में पार्टी को संस्थागत मजबूती देना.
के लक्ष्मण दक्षिण भारत के रीजनल इंचार्ज आगामी चुनावों से पहले दक्षिण के जातीय समीकरण साधना.
नीरज सिंह और पूजा पाल यूपी बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष यूपी चुनाव 2027 के लिए जमीनी स्तर पर सोशल आउटरीच बढ़ाना.
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यूपी चुनाव 2027 के लिए बीजेपी ने तैयार किया है कौन सा नया मास्टरप्लान?

कैबिनेट रिशफल और संगठन में बदलाव का सीधा असर विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा. यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए पार्टी ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है. यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में संगठन में बड़ा फेरबदल हुआ है. पार्टी ने अपने छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदल दिया है. 64 सदस्यों की एक नई एग्जीक्यूटिव बॉडी भी बनाई गई है. कोर वोट बैंक को मजबूत करने के लिए गैर-यादव ओबीसी समाज के 25 नेताओं को पदाधिकारी बनाया गया है। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह और पूजा पाल को भी बड़ा पद मिला है। 

बीजेपी का पूरा फोकस अब सोशल और रीजनल इंजीनियरिंग पर है. 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी राज्य चुनावों के लिए इसे एक कोर वॉर रूम की तरह तैयार किया जा रहा है. संसदीय बोर्ड में ओबीसी और महिला चेहरे के तौर पर सुधा यादव अपनी जगह बरकरार रख सकती हैं. अल्पसंख्यक कोटे से इकबाल सिंह लालपुरा और अनुसूचित जाति कोटे से सत्यनारायण जटिया भी अपनी सीट बचा सकते हैं. मोदी सरकार का नया मंत्रिमंडल एक मजबूत इलेक्शन मशीनरी की तरह काम करेगा. पार्टी उन राज्यों पर ज्यादा ताकत लगा रही है जहां उसे अपना पुराना रुतबा वापस पाना है। 

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