मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत हो रहा पेयजल अधोसंरचना का नेटवर्क

रायपुर

 छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के संकल्प को तेजी से धरातल पर उतार रही है। इसी दिशा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मारवाही जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य मद से 25 नए हैंडपंपों का सफलतापूर्वक खनन किया गया है। इससे लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे ग्रामीण क्षेत्रों में राहत पहुंची है और हजारों लोगों को घर के समीप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा है।

राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण अंचलों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करते हुए प्रत्येक परिवार को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसी सोच के अनुरूप लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के ऐसे गांवों और बस्तियों को प्राथमिकता दी गई, जहां पेयजल की आवश्यकता अधिक थी। नए हैंडपंपों के संचालन से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा उनके समय और श्रम की भी बचत होगी।

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लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यपालन अभियंता श्रीमती प्रिया सोनी ने बताया कि जिले में गौरेला विकासखंड में 14, मरवाही विकासखंड में 7 तथा पेंड्रा विकासखंड में 4 नए हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। इन हैंडपंपों के लिए वैज्ञानिक सर्वेक्षण और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर ऐसे स्थानों का चयन किया गया, जहां पेयजल की समस्या सबसे अधिक थी।

नवस्थापित हैंडपंपों का लाभ बस्ती, लमना, कोटमीखुर्द, सधवानी, उमरखोही, धनगंवा, अंजनी, पीपरखुटी, खोडरी, तेंदुमुड़ा, धनौली, देवरगांव, पड़वनिया, ठाडपथरा, कोडगार, बम्हनी, अमारू, भर्रीडांड, बंधौरी, कटरा, निमधा, मड़वाही, दानिकुंडी सहित अनेक ग्राम पंचायतों तथा पेंड्रा नगर क्षेत्र में विद्यालय के समीप रहने वाले नागरिकों को मिल रहा है। इससे विद्यार्थियों, ग्रामीण परिवारों और स्थानीय समुदाय को स्वच्छ पेयजल की बेहतर सुविधा उपलब्ध हुई है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास को जनकल्याण का आधार मानते हुए पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष बल दे रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग इन प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करते हुए प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों तक पेयजल सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रहा है। विभाग की योजनाओं का उद्देश्य केवल जल उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना और जलजनित बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित करना भी है।

जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले में पेयजल संबंधी अधोसंरचना लगातार मजबूत हो रही है। नई जल सुविधाओं के विकसित होने से ग्रामीणों का विश्वास शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति और सुदृढ़ हुआ है। आने वाले समय में भी आवश्यकता आधारित सर्वेक्षण के माध्यम से पेयजल संकट वाले अन्य क्षेत्रों में इसी प्रकार के कार्य किए जाएंगे, ताकि जिले का कोई भी गांव स्वच्छ पेयजल सुविधा से वंचित न रहे।

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ग्रामीणों ने नए हैंडपंप स्थापित किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नए हैंडपंपों के खनन से उनका दैनिक जीवन अधिक सुगम, सुरक्षित और स्वस्थ हुआ है। साय सरकार की यह पहल ग्रामीण विकास, जनस्वास्थ्य और सुशासन के प्रति उसकी संवेदनशील एवं जनहितैषी सोच का प्रभावी उदाहरण है।

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