भावी पीढ़ी के लिए हरित मध्यप्रदेश का निर्माण हमारी प्राथमिकता: राज्यमंत्री पंवार

भोपाल 

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार ने कहा है कि भावी पीढ़ी के लिए हरित मध्यप्रदेश का निर्माण हमारी प्राथमिकता है। साथ ही प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण हम सभी का नैतिक दायित्व है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान ने पर्यावरण संरक्षण को एक व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार हरियाली महोत्सव, व्यापक वृक्षारोपण और जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित एवं हरित मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। विकास और पर्यावरण के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प लेना चाहिए।वृक्ष न केवल हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि वे जैव विविधता, मृदा संरक्षण और प्रकृति के संतुलन के मुख्य आधार हैं। राज्यमंत्री  पंवार हरियाली महोत्सव अभियान में नरसिंहगढ़ के नवीन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदार कार्यालय के संयुक्त परिसर में पौध- रोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

ये भी पढ़ें :  बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए 18 फरवरी से होगा दस्तक अभियान का दूसरा चरण

राज्यमंत्री  पंवार और विधायक  मोहन शर्मा ने नवनिर्मित संयुक्त शासकीय परिसर भवन का अवलोकन कर भवन में उपलब्ध नागरिक सुविधाओं, विभागीय व्यवस्थाओं और प्रशासनिक विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि परिसर नरसिंहगढ़ की जनता के लिए एक बड़ी सौगात है। पहले अनेक शासकीय कार्यालय अलग-अलग एवं छोटे भवनों में संचालित होते थे, जिससे नागरिकों को भटकना पड़ता था। अब एक ही छत के नीचे अधिकांश कार्यालय होने से जनता के समय और श्रम दोनों की बचत होगी तथा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी। उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं संवेदनशील निराकरण के निर्देश देते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सुनिश्चित करें। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें :  प्रदेश सरकार हर बार की तरह इस बार भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन करेगी

 

Share

Leave a Comment