योगी का अखिलेश पर निशाना, बोले- कुछ लोग जीवनभर बच्चे ही बने रहते हैं

लखनऊ
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर लोकभवन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ओर प्रदेश के उत्कृष्ट बुनकरों को संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार से सम्मानित किया, वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक तंज भी कसा।

बिना नाम लिए मुख्यमंत्री ने कहा, 'कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं। बबुआ भी यही करते थे।' उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों की प्राथमिकता प्रदेश का विकास नहीं, बल्कि अपनी दिनचर्या तक सीमित थी।

मुख्यमंत्री ने कहा, जो दोपहर 12 बजे सोकर उठते थे, दो बजे तैयार होते थे, पांच बजते-बजते जिम जाने का समय हो जाता था और शाम सात बजे महफिल सज जाती थी। प्रदेश के बारे में सोचने के लिए उनके पास समय ही कहां था।

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सीएम योगी ने अखिलेश पर कसा तंज
उन्होंने कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय महिलाओं को सबसे बड़ा खतरा उन्हीं लोगों से था, जबकि आज सरकार विकास और सुशासन के आधार पर काम कर रही है और उसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है।

समारोह में मुख्यमंत्री ने चयनित 12 उत्कृष्ट बुनकरों को संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए। चार श्रेणियों में दिए गए इन पुरस्कारों में प्रथम स्थान पाने वाले बुनकरों को एक लाख रुपये, द्वितीय को 50 हजार रुपये और तृतीय को 25 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई।

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इस वर्ष भी पुरस्कारों में वाराणसी के बुनकरों का दबदबा रहा। साड़ी, ब्रोकेड एवं ड्रेस मैटेरियल श्रेणी में चोलापुर के जमालुद्दीन को जामदानी साड़ी के लिए प्रथम, रामनगर के अनिकेत कुमार मौर्य को द्वितीय तथा आजमगढ़ के मो. अकमल को तृतीय पुरस्कार मिला। सूती दरी, वूलेन दरी, आसनी एवं दरेट श्रेणी में सीतापुर के अकील अहमद प्रथम, कानपुर नगर के मो. शारिक अंसारी द्वितीय और बरेली के मुन्ने अली तृतीय रहे।

सीएम योगी ने बुनकरों को किया सम्मानित
बेडशीट, बेड कवर एवं होम फर्निशिंग श्रेणी में बिजनौर के कफील अहमद को प्रथम, बागपत के प्रमोद कुमार को द्वितीय तथा गोरखपुर के फैजुल हसन अंसारी को तृतीय पुरस्कार दिया गया। वहीं स्टोल, स्कार्फ, गमछा एवं अन्य श्रेणी में वाराणसी के प्यारे लाल को प्रथम, बाराबंकी की आयशा बानो को द्वितीय और गोरखपुर के रेहान वसीम को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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समारोह में मुख्यमंत्री ने बुनकरों को सम्मानित करने के साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि भी वितरित की। कहा कि प्रदेश सरकार बुनकरों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर बाजार और सम्मान उपलब्ध कराकर हथकरघा उद्योग को नई ऊंचाई देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

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