लाल किले पर सबसे ज्यादा बार तिरंगा किस प्रधानमंत्री ने फहराया? जानें नेहरू, इंदिरा और मोदी का रिकॉर्ड

नई दिल्ली 
स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को लगातार 12वीं बार दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वे लगातार सबसे अधिक बार तिरंगा फहराने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री के रूप में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में पहली बार लाल किले से तिरंगा फहराया था। इसके बाद से उन्होंने हर स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए देश को संबोधित किया है। 15 अगस्त 2025 को उनका यह क्रम लगातार 12वें वर्ष में प्रवेश करेगा। इस उपलब्धि के साथ वे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के 10 बार तिरंगा फहराने के रिकॉर्ड से आगे निकल चुके हैं।

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लाल किले पर सबसे ज्यादा बार तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड किसके नाम?
लाल किले की प्राचीर से सबसे अधिक बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने का रिकॉर्ड भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम दर्ज है। उन्होंने वर्ष 1947 से 1964 तक कुल 17 बार स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया। यह रिकॉर्ड आज भी कायम है और अब तक कोई प्रधानमंत्री इसे पार नहीं कर सका है।

दूसरे स्थान पर इंदिरा गांधी
इस सूची में दूसरे स्थान पर भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हैं। उन्होंने अपने दोनों कार्यकालों (1966-1977 और 1980-1984) के दौरान कुल 16 बार लाल किले से तिरंगा फहराया। वह अपने पिता जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड से केवल एक बार पीछे रहीं।

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लाल किले पर तिरंगा फहराने वाले प्रधानमंत्रियों की सूची

  • पंडित जवाहरलाल नेहरू – 17 बार
  • इंदिरा गांधी – 16 बार
  • नरेंद्र मोदी – 12 बार (15 अगस्त 2025 सहित)
  • डॉ. मनमोहन सिंह – 10 बार
  • अटल बिहारी वाजपेयी – 6 बार
  • राजीव गांधी – 5 बार
  • पी.वी. नरसिम्हा राव – 5 बार
  • लाल बहादुर शास्त्री – 2 बार
  • मोरारजी देसाई – 2 बार
  • चौधरी चरण सिंह – 1 बार
  • वी.पी. सिंह – 1 बार
  • एच.डी. देवेगौड़ा – 1 बार
  • आई.के. गुजराल – 1 बार

गौरतलब है कि कुछ प्रधानमंत्रियों, जैसे गुलजारीलाल नंदा और चंद्रशेखर, को अपने अल्पकालिक कार्यकाल के कारण लाल किले से तिरंगा फहराने का अवसर नहीं मिल सका।

लाल किले पर तिरंगा फहराने की परंपरा क्यों है खास?
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से तिरंगा फहराना भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है। 15 अगस्त 1947 को देश की आजादी के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पहली बार लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। तब से हर वर्ष प्रधानमंत्री इसी ऐतिहासिक स्थल से तिरंगा फहराते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं तथा देश की दिशा पर अपने विचार रखते हैं।

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यह परंपरा भारत की स्वतंत्रता, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक मानी जाती है तथा हर वर्ष करोड़ों देशवासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर बनती है।

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