छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन बनी महिलाओं के स्वाभिमान की डोर

रायपुर.

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के वादे का प्रतीक है। इस पावन पर्व से ठीक पहले विष्णु भैय्या की छत्तीसगढ़ सरकार ‘महतारी वंदन योजना’ ने जिले की हज़ारों महिलाओं के जीवन में स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिठास घोल दी है।

योजना के तहत सीधे बैंक खातों में पहुंची राशि बहनों के लिए केवल एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए अपने सामर्थ्य से त्योहार की खुशियां मनाने का सशक्त माध्यम बन गई है।

अब किसी के आगे हाथ फैलाने की ज़रूरत नहीं
धमतरी  जिले की मुजगहन निवासी मंजू यादव, धमतरी की शिवानी साहू और पोटियाडीह की मीनाक्षी निर्मलकर के लिए यह योजना उनके आत्मसम्मान का संबल बनी है। मुजगहन की मंजू यादव चेहरे पर बिखरी खुशी के साथ बताती हैं कि इस बार विष्णु भैय्या के भेजे पैसे से रक्षाबंधन पर अपने लिए नई साड़ी खरीदूंगी। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से अपनी छोटी-छोटी ज़रूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। धमतरी की शिवानी साहू  अनुभव साझा करते हुए कहती हैं कि पहले बच्चों के लिए त्योहार पर मिठाई या छोटी-मोटी चीज़ें लेने के लिए भी दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी। अब इस राशि से मैं खुद बच्चों के लिए मिठाई और ज़रूरी सामान खरीद रही हूँ।इसी तरह पोटियाडीह की मीनाक्षी निर्मलकर के लिए यह पर्व और भी खास हो गया है। वे कहती हैं, इस बार अपने भाइयों के लिए राखी, मिठाई और उपहार मैं अपने खुद के पैसों से खरीदूँगी। त्योहार से ठीक पहले मिली यह राशि किसी भाई के अनमोल उपहार से कम नहीं है।

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मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
लाभार्थी महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति सहृदय आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अपना श्बड़ा भाईश् बताया। महिलाओं का कहना है कि हर महीने नियमित मिलने वाली इस वित्तीय सहायता से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में भी अधिक सक्षम महसूस कर रही हैं।

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महिला सशक्तिकरण का नया दौर
महतारी वंदन योजना राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। नियमित आर्थिक संबल मिलने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं अपनी व्यक्तिगत ज़रूरतों, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्चों और तीज-त्योहारों की तैयारियों को बिना किसी आर्थिक तंगी के पूरा कर पा रही हैं। रक्षाबंधन के मुहाने पर मिली यह राशि राज्य की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और आर्थिक सुरक्षा का सच्चा उपहार बनकर उभरी है।

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