दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात जवानों तक पहुंचेगा बहनों का स्नेह

रायपुर

सुरक्षा व्यवस्था और सरहद पर तैनात वीर जवानों के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए रक्षाबंधन के अवसर पर 'राखी से रक्षा' जैसे विशेष अभियान चलाए जाते हैं।  इस अनूठी पहल के तहत देश के आम नागरिक, महिलाएं, स्कूली छात्र और सामाजिक संगठन मिलकर सैनिकों के लिए राखियां भेजते हैं।
          
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सुकमा जिला प्रशासन ने सुरक्षा में तैनात जवानों के प्रति सम्मान और अपनत्व की अनूठी पहल की है। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में ‘रक्षा सूत्र’ अभियान चलाया गया। अभियान के तहत शुक्रवार को पुलिस जवानों के लिए राखियां भेंट की गईं, जिन्हें जिले के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों तक पहुंचाया जाएगा।

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’बहनों का स्नेह पहुंचेगा जवानों तक’
          

परिवार से दूर रहकर दिन-रात कर्तव्य निभा रहे जवानों के लिए यह पहल विशेष महत्व रखती है। रक्षाबंधन के अवसर पर उनके हाथों तक राखी पहुंचाकर उन्हें बहनों के स्नेह, शुभकामनाओं और आशीर्वाद का एहसास कराया जाएगा। यह पहल जवानों के त्याग, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति सम्मान की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है।

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’राखी बनेगी विश्वास और अपनत्व का प्रतीक’
 
‘रक्षा सूत्र’ अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन ने जवानों के साथ सामाजिक जुड़ाव और अपनत्व का संदेश दिया है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवान समाज की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के पर्व पर उनके प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त करना समाज की जिम्मेदारी है।

’दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों को मिलेगा पर्व का एहसास’
          
सुकमा जैसे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में कई जवान लंबे समय तक अपने परिवार से दूर रहकर ड्यूटी करते हैं। ऐसे जवानों तक राखी पहुंचाने से उन्हें रक्षाबंधन की खुशियों और अपनेपन का एहसास होगा। ‘रक्षा सूत्र’ केवल एक राखी नहीं, बल्कि समाज की ओर से जवानों के प्रति विश्वास, सम्मान और आत्मीयता का संदेश है। जिला प्रशासन की यह संवेदनशील पहल सुरक्षा में तैनात जवानों के मनोबल को बढ़ाने के साथ समाज और सुरक्षा बलों के बीच विश्वास एवं जुड़ाव को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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