सक्षम योजना से संवरी किस्मतः ईंट के कारोबार से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहीं कुसुम

रायपुर

कुसुम ने अपने मजबूत इरादों और कड़ी मेहनत से ईंट व्यवसाय को सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। उन्होंने समाज की बाधाओं को पार करके अपने काम में कड़ा मुकाबला किया और एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनाई।

जीवन में जब संकट के बादल घिर जाएं, तब सही मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग से आत्मबल को नई दिशा मिलती है। धमतरी जिले के ग्राम लोहरसी की कुसुम शर्मा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। पति के असमय निधन के बाद एक ओर जहां परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ था, वहीं दूसरी ओर आजीविका संकट गहरा गया था। पति के ईंट व्यवसाय का उन्हें कोई अनुभव नहीं था और न ही इसे आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त पूंजी उपलब्ध थी। ऐसे विपरीत समय में महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना उनके लिए संबल बनकर आई। योजना की पूरी जानकारी मिलने के बाद कुसुम ने हिम्मत जुटाई और आत्मनिर्भर बनने का दृढ़ संकल्प लिया।

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ऋण और कौशल प्रशिक्षण ने दिया संबल

आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुसुम को सक्षम योजना के तहत 2 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। वित्तीय सहायता मिलने के बाद उन्होंने व्यवसाय से जुड़ी बारीकियों को समझा और आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त किया। शुरुआती दौर में आर्थिक संसाधनों का प्रबंधन और व्यावसायिक चुनौतियों का सामना करना आसान नहीं था, लेकिन कुसुम के मजबूत इरादों ने हर मुश्किल को आसान कर दिया। आज वह अपने ईंट व्यवसाय को न केवल सफलतापूर्वक संभाल रही हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर चुकी हैं।
 
विष्णु भैया के सहयोग और सक्षम योजना से मिली आर्थिक ताकत
 
अपनी इस सफलता और नई शुरुआत से गदगद कुसुम शर्मा रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को ‘भैया’ कहकर अपना आभार व्यक्त करती हैं। वह मानती हैं कि राज्य शासन की योजनाएं उनके जैसी एकल महिलाओं के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास लेकर आई हैं। विष्णु भैया के सहयोग और सक्षम योजना से मिली आर्थिक मदद ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़े होने की ताकत दी है।

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    कुसुम की यह कहानी इस बात की प्रत्यक्ष मिसाल है कि अगर महिलाओं को सही समय पर प्रोत्साहन, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिले, तो वे न केवल अपने परिवार का आधार बनती हैं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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