चीनी के बढ़ते दामों पर सरकार का बड़ा फैसला, नए नियम से बाजार में बढ़ेगी निगरानी

नई दिल्ली

त्योहारी सीजन से पहले ही चीनी की बेलगाम होती कीमतों (Sugar Price Hike) को कंट्रोल में लाने के लिए सरकार ने तगड़ा एक्शन लिया है और कच्ची चीनी के आयात से जुड़े नियमों में बदलाव (Rule Change From Today) किया किया है. सरकार ने कच्ची चीनी के आयात नियमों में संशोधन किया गया, इसके तहत चीनी की जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने 2 महीने के भीतर रिफाइनिंग और बिक्री अनिवार्य की। 

चीनी पर ये नियम किया लागू 
चीनी की कीमतों में उछाल के बीच सरकार ने सोमवार को आयात की शर्तों में संशोधन किया और टैरिफ रेट्स कोटा (TRQ) के तहत देश में लाई गई कच्ची चीनी को दो महीने के भीतर सफेद/रिफाइंड चीनी में परिवर्तित करके घरेलू बाजार में बेचना अनिवार्य कर दिया गया है। 

इससे पहले के नियमों को देखें, तो आयातित कच्ची चीनी को उचित समय सीमा के भीतर और पर्याप्त समय पूर्व संसाधित करना जरूरी था, जिससे इसे 31 अक्टूबर, 2026 तक घरेलू बाजार में बेचा जा सके. अब संशोधित नियमों के तहत प्रोसेसिंग और बिक्री के लिए दो महीने की डेडलाइन तय कर दी गई है। 

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जमाखोरी पर लगाम लगाने वाला एक्शन
चीनी आयात से जुड़े नियमों में बदलाव (Sugar Import Rule Change) की अधिसूचना वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी की गई है. इसका उद्देश्य आयातित कच्ची चीनी के भंडारण यानी जमाखोरी को रोकना है. इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि आयात से उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द राहत मिल सके. सरकार के इस कदम से चीनी की बढ़ती कीमतों पर कंट्रोल की उम्मीद बढ़ी है। 

सरकार ने 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन चीनी के आयात की अनुमति दे दी है और कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम निर्माताओं और इससे जुड़े व्यापारियों और थोक उपभोक्ताओं पर स्टॉक लिमिट सेट कर दी है. देश के तमाम राज्यों की ओर से केंद्र से चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ एक्शन लेने का आग्रह किया गया था। 

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महीनेभर में इतनी महंगी हुई चीनी
सरकारी आंकड़ों को देखें, तो सोमवार को अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य 63.05 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जो एक महीने पहले के 48.73 रुपये प्रति किलोग्राम से 29 फीसदी अधिक है. अधिकतम खुदरा मूल्य 75 रुपये प्रति किलोग्राम था. फूड सेक्रेटरी संजीव चोपड़ा ने कहा कि मिल से प्राप्त चीनी की कीमतें महज 7 से दस दिनों में 47-48 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 62 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं और ये चौकाने वाला उछाल है। 

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चीनी महंगी होने की वजह क्या? 
Sugar Price Hike के पीछे के कारणों की बात करें, तो इसे लेकर इंडियन शुगर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के चेयरमैन नीरज शिरगांवकर ने कहा है कि भारत में चीनी की कोई कमी नहीं है और मौजूदा स्टॉक पर्याप्त है. कीमतें बढ़ने के पीछे मौसम के कारण गन्ने की कम पैदावार, महाराष्ट्र में अधिक क्रशिंग दर और यूपी में किस्मों से जुड़ी समस्याएं हैं। 

इसके अलावा त्योहारी सीजन के चलते डिमांड तेज होना और ऐसे में ब्राजील ने आपूर्ति कम किए जाने के साथ ही चीनी की जमाखोरी और सट्टेबाजी भी बड़ी वजह है. थोक खरीदारों ने स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया है, जिससे चीनी बाजार से हट गई है और इसकी कमी पैदा होने से कीमतों में इजाफा हो रहा है। 

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