India’s First Bullet Train: जमीन से 12 मीटर ऊपर बना ये स्टेशन, 320 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन; जानें वजह

अहमदाबाद
देश में पहली बुलेट ट्रेन (India's First Bullet Train) चलाने की तैयारियां जोरों पर हैं और इसके ट्रैक से लेकर रेलवे स्टेशनों तक पर निर्माण कार्य रॉकेट की रफ्तार से चल रहा है. सरकार की तैयारी मुंबई-अहमदाबाद रेल कॉरिडोर (Mumbai-Ahmedabad Rail Rout) पर पहले चरण में अगले साल 15 अगस्त 2027 से पहली बुलेट ट्रेन चलाने की है. इस बीच हाई स्पीड बुलेट ट्रेन के लिए तैयार हो रहा ठाणे स्टेशन चर्चा में हैं, क्योंकि ये जमीन से 12 मीटर ऊपर जो है। 

508 किमी के ट्रैक पर दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
अगले साल जिस 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन तेज रफ्तार से भागने वाली है, उसपर निर्माण कार्य नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) कर रहा है. ये महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा और नगर हवेली से होकर गुजरेगा. बुलेट ट्रेन रेल परियोजना का महाराष्ट्र वाला हिस्सा ठाणे और पालघर जिलों से निकल रहा है. Thane Bullet Train Station अपनी कुछ खास विशेषताओं के चलते सुर्खियों में है।         

ये भी पढ़ें :  राजस्थान-केकड़ी में मिले कंकालों की कपड़ों और जूतों से हुई पहचान, अब डीएनए टेस्ट से खुलेगा राज

12 मीटर ऊंचा बुलेट ट्रेन स्टेशन
ठाणे में बन रहा बुलेट ट्रेन स्टेशन का डिजाइन मैंग्रोव वनों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Thane Station का कॉनकोर्स लेवल जमीनी स्तर से लगभग 12 मीटर ऊपर रखा जा रहा है. ये डिजाइन खासतौर पर पर्यावरण के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्र में मैंग्रोव पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए प्लान किया गया है। 

पारंपरिक स्टेशनों जैसा नहीं है डिजाइन
ठाणे बुलेट ट्रेन स्टेशन का डिजाइन पारंपरिक जमीनी रेलवे स्टेशनों से बिल्कुल अलग है. उल्हास नदी से प्रेरित होकर इसका एंट्री गेट तैयार किया गया है. इसे देखने पर साफ पता चलता है कि क्योंकि इस Bullet Train Station की छत लहरों के आकार और गति से प्रेरित है, जो नदी के निकट स्टेशन की स्थिति को दर्शाती है। 
       
       ताकि जंगल रह सके सुरक्षित
NHSRCL के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि जमीन से इतने ऊंचे कॉनकोर्स को मैंग्रोव वनों की सुरक्षा और वहीं की पर्यावरणीय स्थितियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है. इससे जुड़े एक बयान में बताया गया है कि ठाणे में स्टेशन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि कॉनकोर्स का लेवल प्राकृतिक भू-स्तर से लगभग 12 मीटर ऊपर रहे, ताकि यहां पर मौजूद मैंग्रोव वनों का संरक्षण हो सके। 
      
महाराष्ट्र सेक्शन में 3 एलिवेटेड स्टेशन 
ठाणे स्टेशन महाराष्ट्र में मुंबई-अहमदाबाद बुले
ट ट्रेन रेल कॉरिडोर के 135.45 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड सेक्शन का हिस्सा है, जो ठाणे के शिलफाटा से लेकर महाराष्ट्र-गुजरात सीमा के पास स्थित जारोली गांव तक फैला है, इसमें थाइन, विरार, बोईसर तीन एलिवेटेड स्टेशन शामिल होंगे।        

ये भी पढ़ें :  गुजरात में बड़ा खुलासा: ISIS आतंकियों ने RSS दफ्तर की रेकी कर हमले की योजना बनाई

सात सुरंगों से निकलेगी बुलेट ट्रेन 
Bullet Train महाराष्ट्र सेक्शन का निर्माण शहरी, पहाड़ी और पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील भूभाग में किया जा रहा है. इसमें 7 पर्वतीय सुरंगें शामिल होंगी, जिनमें से तीन में निर्माण कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है. इन सुरंगों में जल निकासी, जलरोधक और सुरंग की परत बिछाने का काम प्रगति पर है. नदी पर कई पुलों का निर्माण भी लगातार जारी है. इनमें 460 मीटर लंबा पुल उल्हास नदी पर बना है. वैतरणा नदी पर 2.32 किलोमीटर लंबा, जबकि जगानी नदी पर बना 510 मीटर लंबा पुल बन रहा है। 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment