यूपी में हाउस टैक्स बकाएदारों को बड़ी राहत, OTS से ब्याज-सरचार्ज में मिलेगी छूट

लखनऊ
यूपी में हाउस टैक्स के बकाएदारों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश के 17 नगर निगमों में सालों से फंसे हाउस टैक्स की वसूली के लिए अब ओटीएस योजना पर निगाहें टिक गई हैं। नगर निगमों के पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक मुरादाबाद में ही 71,612 गृहकर बकायेदार हैं, जिन पर 126.53 करोड़ रुपये हाउस टैक्स बकाया है। इसके अलावा इन बकायेदारों पर 64.02 करोड़ रुपये ब्याज-सरचार्ज भी चढ़ चुका है। ओटीएस योजना के तहत निर्धारित अवधि में बकाया जमा करने पर ब्याज-सरचार्ज में राहत दी जाएगी।

OTS योजना के तहत ब्याज और सरचार्ज में छूट
निगमों में पुराने गृहकर की वसूली को गति देने के लिए लागू की गई ओटीएस योजना 15 दिसंबर तक चलेगी। शासन की इस पहल का उद्देश्य लंबे समय से चल रहे बकाये को एकमुश्त जमा कराकर नगर निकायों की आय बढ़ाना और बकायेदारों को ब्याज-सरचार्ज के बोझ से राहत देना है। आंकड़ों के मुताबिक मुरादाबाद नगर निगम के 71,612 बकायेदारों पर 126.53 करोड़ रुपये मूल कर फंसा है। मूल धनराशि के अलावा 64.02 करोड़ रुपये ब्याज-सरचार्ज की देनदारी है। ऐसे में ओटीएस के जरिए यदि बड़ी संख्या में बकायेदार भुगतान करते हैं तो नगर निगम के राजस्व में करोड़ों रुपये की सीधी बढ़ोतरी हो सकती है।

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लखनऊ में 2.43 लाख, गोरखपुर में 1.44 लाख बकाएदार
लखनऊ में करीब 2.43 लाख और गोरखपुर में करीब 1.44 लाख गृहकर बकायेदार बताए गए हैं। अब नगर निगमों की कोशिश अधिक से अधिक बकायेदारों को ओटीएस का लाभ दिलाना है। नगरायुक्त दिव्यांशु पटेल के निर्देश पर मुरादाबाद नगर निगम द्वारा वार्डवार कैंप लगाकर बकायेदारों को ओटीएस की जानकारी दी जा रही है। मौके पर आवेदन लेकर भुगतान कराया जा रहा है। एक सितंबर को लगाए गए कैंप में 16 आवेदनों से 40,670 रुपये जमा कराए गए।

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15 दिसंबर के बाद सख्ती की तैयारी
ओटीएस की अवधि खत्म होने के बाद बकायेदारों के खिलाफ नगर निगम सख्ती बढ़ाएगा। इसलिए निगम अधिकारियों का जोर फिलहाल बकायेदारों को योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने पर है। योजना से जहां करदाताओं को ब्याज-सरचार्ज में राहत मिलेगी, वहीं नगर निगमों को वर्षों से अटके गृहकर की वसूली का मौका मिलेगा। वहीं इस मामले पर नगरायुक्त नगर निगम, मुरादाबाद दिव्यांशु पटेल ने बताया कि शासन की इस पहल का उद्देश्य लंबे समय से चल रहे बकाये को एकमुश्त जमा कराकर नगर निकायों की आय बढ़ाना और बकायेदारों को ब्याज-सरचार्ज के बोझ से राहत देना है। वार्ड वाइज कैंप लगाए जा रहे हैं। ओटीएस का प्रचार-प्रसार भी कराया जारहा है, जिससे अधिक से अधिक बकाएदार योजना का लाभ ले सकें।

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किस नगर निगम का कितना बकाया?
लखनऊ
बकायेदार- 2,43,479

कुल बकाया- 650.15 करोड़

कुल बकाया- 258.47 करोड़

बकाया- 100 करोड़ से अधिक

बकाया- 301 करोड़

बकाया- 400 करोड़

मुरादाबाद
बकायेदार- 71,612

बकाया- 126.53 करोड़
गाजियाबाद

बकायेदार- 60,000+

बकाया- 1,100 करोड़

सहारनपुर
बकायेदार- 1,33,172

बकाया- 25.47 करोड़

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