Skoda-JSW Deal: बदलने वाली है कंपनी की किस्मत! भारतीय बाजार में मिलेगा बड़ा लोकल पार्टनर, जल्द हो सकता है करार

नई दिल्ली

स्कोडा फॉक्सवैगन ग्रुप भारतीय बाजार में लंबे समय से एक पार्टनर की तलाश में है. कंपनी का नाम कई भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ जुड़ चुका है, लेकिन लंबे समय से चर्चा है कि जेएसडब्लू ग्रुप के साथ कंपनी साझेदारी कर सकती है. अब इस मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट्स की मानें, तो स्कोडा ऑटो (इंटरनेशनल) और जेएसडब्लू ग्रिन मोबिलिटी ने एक नॉन-बाइंडिंग एमओयू साइन किया है। 

इस एमओयू का मकसद भारतीय बाजार में एक स्ट्रैटेजिक जॉइंट वेंचर सेटअप करना है. इस प्रपोज्ड वेंचर में चेक कारमेकर की इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट कैपेबिलिटी को जेएसडब्लू ग्रुप की मैन्युफैक्चरिंग स्केल के साथ जोड़ने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी. नॉन-बाइंडिंग एमओयू के तहत दोनों कंपनियों के ऊपर फैसला लेने के लिए कोई कानूनी दबाव नहीं होता है। 

ये भी पढ़ें :  दक्ष चौधरी अपनी हरकतों से नहीं आ रहा बाज, छावा देखने के बाद अकबर रोड के साइन बोर्ड पर की पेशाब

क्या है कंपनी की तैयारी?
ये जॉइंट वेंचर भारत के लिए कार डेवलप करने, मैन्युफैक्चरिंग और बेचने पर फोकस करने के साथ और विदेशों में एक्सपोर्ट भी करेगा. इस पार्टनरशिप के तहत कंपनी तमाम पावरट्रेन की गाड़ियां तैयार करेगी. इसमें इंटरनल कंबशन इंजन, प्लगइन हाइब्रिड, इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारें शामिल होंगी। 

ये भी पढ़ें :  CJI सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट को बताया पर्यावरण न्याय का बरगद, विकास-संरक्षण संतुलन जरूरी

जेएसडब्लू के स्पोक्सपर्सन ने बताया, 'फिलहाल ये एमओयू संभावनाओं को तलाशने और नॉन-बाइंडिंग है. दोनों कंपनियां बातचीत की शुरुआत में हैं और इस मामले में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.' अगर ये पार्टनरशिप होती है, तो ऑटो सेक्टर में ये जेएसडब्लू का तीसरा वर्टिकल होगा। 

ऑटो सेक्टर में JSW की तैयारी
कंपनी एमजी मोटर के साथ मिलकर काम कर रही है. साथ ही जेएसडब्लू अपना एक अलग ब्रांड खड़ा करने में लगी हुई है, जिसके तहत हमें आने वाले दिनों में कुछ कारें देखने को मिल सकती हैं. ऑटोकार प्रोफेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कोडा स्पोक्सपर्सन ने बताया कि दोनों पार्टिज की पार्टनरशिप जॉइंट कंट्रोल पर बेस्ड होगी।  

ये भी पढ़ें :  जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में एक कार फिसलकर चिनाब नदी में गिरी, दो की मौत एक घायल

उन्होंने बताया, 'डीप लोकलाइजेशन और प्लेटफॉर्म सिनर्जी का मकसद भारतीय बाजार में कंपटीटिव प्रोडक्ट्स लाना, स्केल को बढ़ाना और प्रॉफिट को बेहतर करना है.' इस पार्टनरशिप के तहत कंपनी अपने पोर्टफोलियो में नए प्रोडक्ट्स को जोड़ेगा, जिनमें लोकलाइजेशन पर जोर होगा। 

Share

Leave a Comment