गणपति स्थापना का सुबह का मुहूर्त छूटा? दोपहर बाद इन 3 शुभ समय में घर लाएं बप्पा

गणेश चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा को घर लाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन सुबह के मुख्य मुहूर्त में स्थापना नहीं कर पाए तो परेशान होने की जरूरत नहीं है.14 सितंबर 2026 को गणपति स्थापना के लिए मध्याह्न काल के अलावा तीन शुभ चौघड़िया मुहूर्त भी बन रहे हैं. ऐसे में दोपहर 1 बजे के बाद भी शुभ समय में गणपति की स्थापना की जा सकती है.

11 बजे के बाद कब-कब कर सकते हैं गणपति स्थापना?
14 सितंबर को सुबह के मुख्य गणेश स्थापना मुहूर्त के बाद चर, लाभ और अमृत चौघड़िया में भी बप्पा की स्थापना का शुभ समय रहेगा.

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चर मुहूर्त
दोपहर 1:49 बजे से 3:22 बजे तक
अगर सुबह के समय गणपति घर नहीं ला पाए हैं तो दोपहर में इस मुहूर्त के दौरान बप्पा को घर लाकर स्थापना कर सकते हैं.

लाभ मुहूर्त
दोपहर 3:22 बजे से शाम 4:55 बजे तक
इसके बाद लाभ चौघड़िया शुरू होगा.  इस दौरान भी गणपति स्थापना की जा सकती है. पूजा के लिए पहले से चौकी और बाकी सामग्री तैयार रखना अच्छा रहेगा.

अमृत मुहूर्त
शाम 4:55 बजे से 6:28 बजे तक
तीसरा शुभ समय अमृत चौघड़िया है.  यह समय शाम तक चलता है, इसलिए अगर दिन में किसी वजह से समय नहीं मिल पाया तो इस अवधि में भी गणपति की स्थापना की जा सकती है.

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सुबह का मुख्य मुहूर्त निकल जाए तो क्या करें?
गणेश चतुर्थी पर गणपति स्थापना के लिए मध्याह्न काल को विशेष महत्व दिया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान गणेश का प्राकट्य भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के मध्याह्न काल में हुआ था. इसलिए इस दौरान पूजा और स्थापना को विशेष शुभ माना जाता है.

लेकिन अगर किसी वजह से इस समय स्थापना नहीं हो पाती है तो चर, लाभ और अमृत चौघड़िया के इन तीन विकल्पों में से सुविधानुसार समय चुना जा सकता है.

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गणपति की स्थापना से पहले क्या करें?
जिस जगह गणपति को स्थापित करना है, उसे पहले अच्छी तरह साफ कर लें.  चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं, पूजा की सभी सामग्री पहले से तैयार रखें.  गणपति की प्रतिमा स्थापित करने के बाद दीप जलाएं और भगवान गणेश को रोली, अक्षत, फूल और दूर्वा अर्पित करें.

इसके बाद गणपति को मोदक या मिठाई का भोग लगाकर आरती करें.  परिवार की सुख-समृद्धि और विघ्नों के नाश की कामना के साथ पूजा पूरी करें.

 

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