मक्का समझौते के बाद पाकिस्तान की बढ़ी मुश्किलें, हूतियों ने दी सीधे हमले की धमकी

नई दिल्ली  
मक्का समझौता करने के बाद पाकिस्तान की मुसीबतें और भी बढ़ गई हैं। पहली बात तो सऊदी अरब के खिलाफ हूतियों के अटैक पर निष्क्रियता की वजह से उसकी दुनियाभर में आलोचना हो रही है। दूसरी ओर हूती विद्रोहियों ने पाकिस्तान को भी हमले की धमकी दे दी है।अमेरिका के पूर्व सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल एचआर मैकमास्टर ने कहा कि मक्का पैक्ट के पीछे भी पाकिस्तान के इरादे साफ नहीं हैं। आपको बता दें कि 7 अगस्त को ही सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए ने एक सझौते पर साइन किए थे। इस समझौते के मुताबिक अगर इन तीनों में से किसी एक देश पर भी हमला होता है तो तीनों देशों पर हमला माना जाएगा और तीनों प्रतिक्रिया देंगे। तुर्किए ने तो यहां तक कहा था कि यह नाटो की तर्ज पर बनाया गया है. इसलिए इसे इस्लामिक नाटो कहा जा सकता है।

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हूतियों ने पाकिस्तान को दी धमकी
सऊदी अरब में तुर्की और पाकिस्तान की सेना की तैनाती को लेकर हूती विद्रोहियों ने दोनों देशों को हमले की धमकी दी है। हूती नेता अल बुखैती ने कहा कि अगर इस्लामाबाद और अंकारा सामने आते हैं तो उनपर भी सीधा हमला होगा। हूती नेता ने कहा कि यमन अब भी रक्षात्मक रुख अपना रहा है। लेकिन अगर पाकिस्तान और तुर्की भी उतरते हैं तो उनके लिए ठक नहीं होगा। उन्होने कहा कि यमन किसी भी विदेशी ताकत का दखल स्वीकार नहीं करेगा।

पाकिस्तान ने ईरान और अमरेका के बीच युद्धविराम पर समझौता करवाने और क्रेडिट लूटने की पूरी कोशिश की थी लेकिन उसका कोई भी प्रयास सफल नहीं हो पाया। इसके बाद पाकिस्तान की शांतिदूत की छवि बनाने वाली कोशिश फेल हो गई। मक्का समझौता करके उसने एक बार फिर अपनी विदेश नीति दिखाने की कोशिश की लेकिन यह भी फेल ही होता नजर आ रहा है।

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हूतियों ने खोल दिया नया मोर्चा
सऊदी अरब ने शनिवार को पुष्टि की कि यमन के हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइल से उसकी राजधानी रियाद को निशाना बनाने की कोशिश की। ईरान समर्थित विद्रोहियों के साथ संघर्ष तेज होने के बाद रियाद को निशाना बनाने की यह पहली कोशिश है। हूती विद्रोहियों ने ईरान युद्ध में एक नया मोर्चा खोल दिया है।

हूती विद्रोहियों से लड़ रहे सऊदी अरब नीत गठबंधन ने तड़के की गई इस कोशिश के काफी देर बाद बयान जारी कर कहा कि मिसाइल को बीच में ही रोक दिया गया। रियाद के कुछ निवासियों ने विस्फोट की आवाज सुनी। बाद में कुछ लोगों ने हवाई अड्डे के पास धुएं का गुबार देखा। किसी के हताहत होने या किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

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बयान में यह भी कहा गया कि हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के बंदरगाह शहर यनबू में असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कोशिश की। सऊदी अरब की एक प्रमुख पाइपलाइन यहीं समाप्त होती है। इसके अलावा ताइफ, बैश और फरसान में भी हमले के प्रयास किए गए लेकिन उन्हें नाकाम कर दिया गया। गठबंधन ने इस बारे में और जानकारी नहीं दी। हूती विद्रोहियों ने इससे पहले बिना कोई सबूत दिए दावा किया था कि उन्होंने रियाद में ''संवेदनशील ठिकानों'' और यनबू में सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जिससे ''भीषण आग'' लग गई।

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