हैरी ब्रूक का वनडे में सबसे तेज दोहरा शतक, फिर भी इंग्लैंड हारा; श्रीलंका ने 430 रन बनाकर रचा इतिहास

नई दिल्ली
 रावलपिंडी में खेले गए वनडे ट्राई-सीरीज के एक सांझ-सवेरे ऐतिहासिक मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को बल्लेबाजी का ऐसा अद्भुत रोमांच देखने को मिला, जिसे सालों तक याद रखा जाएगा। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से इतिहास रचते हुए वनडे क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक जड़ दिया। हालांकि, उनके इस व्यक्तिगत कीर्तिमान और इंग्लैंड के विशाल स्कोर के बावजूद टीम को हार का सामना करना पड़ा। श्रीलंका ने 430 रनों के नामुमकिन से दिखने वाले लक्ष्य को आखिरी ओवर में हासिल कर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया।

हैरी ब्रूक ने खेली 202 रन की पारी
इंग्लैंड की कप्तानी संभाल रहे 27 साल के हैरी ब्रूक ने मैदान के हर कोने में रनों की बौछार करते हुए 116 गेंदों पर 202 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, जिसमें 21 चौके और 10 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उन्होंने महज 114 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया, जो पुरुषों के वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक बन गया। इस पारी के दम पर वे इंग्लैंड की तरफ से वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने, और साथ ही उन्होंने बेन स्टोक्स के 182 रनों के सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर के रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया।

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क्रिस गेल के रिकॉर्ड की बराबरी
इस ऐतिहासिक दोहरे शतक के साथ ही ब्रूक ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का बेहद दुलर्भ और खास क्लब ज्वाइन कर लिया। वे टेस्ट में ट्रिपल सेंचुरी (अक्टूबर 2024 में पाकिस्तान के खिलाफ 317), वनडे में डबल सेंचुरी और टी-20 अंतरराष्ट्रीय में शतक लगाने वाले दुनिया के केवल दूसरे क्रिकेटर बने। उनसे पहले यह कारनामा केवल वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल ही कर पाए थे। ब्रूक की इस विध्वंसक पारी और विल जैक्स की तेजतर्रार बल्लेबाजी के बूते इंग्लैंड ने 50 ओवरों में 429 का विशाल पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया।

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श्रीलंका ने कर दिया रिकॉर्ड चेज
लेकिन खेल का असली ड्रामा अभी बाकी था। 430 रनों के रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने हार नहीं मानी और एक अनुशासित व आक्रामक रवैया अपनाया। पवन रथनायके के शानदार 130 रन, अविष्का फर्नांडो और दासुन शनाका की 97-97 रनों की तूफानी पारियों ने मैच को श्रीलंका की झोली में ला खड़ा किया। अंतिम क्षणों में जनित लियानागे ने धैर्य दिखाते हुए नाबाद 61 रन बनाए और मैच की अंतिम गेंद शेष रहते छक्का जड़कर टीम को 8 विकेट के नुकसान पर 430 रन बनाकर जीत दिला दी।

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वनडे का दूसरा सबसे बड़ा चेज
यह मुकाबला वनडे क्रिकेट इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज बन गया। एक ही मैच में 850 से अधिक रन बने जहां ब्रूक का ऐतिहासिक व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी अपनी टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहा। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने महज 114 गेंदों में वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक जड़कर इतिहास रचा, लेकिन उनका यह कीर्तिमान भी टीम को जीत नहीं दिला सका।

 

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