राजस्थान के सरकारी स्कूलों में दीपोत्सव से पहले होगा कायाकल्प, 3 नवंबर तक सफाई और मरम्मत के निर्देश

जयपुर
राजस्थान के राजकीय विद्यालयों को त्योहारों के इस मौसम में स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने ‘विद्यालय सौंदर्यीकरण एवं दीपोत्सव-2026’ अभियान (school beautification campaign) की शुरुआत की है। इस विशेष अभियान का मकसद न सिर्फ स्कूलों का कायाकल्प करना है, बल्कि बच्चों को एक साफ-सुथरा और सुखद शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना भी है। विभाग के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, स्कूलों में सफाई, पुताई और मेंटेनेंस से जुड़े सभी बुनियादी काम हर हाल में 3 नवंबर तक पूरे करने होंगे, ताकि 6 नवंबर तक दीपोत्सव की तैयारियां हो सकें।

विशेष स्वच्छता अभियान चलाया
अभियान के तहत स्कूल परिसरों, कक्षाओं, खेल के मैदानों (playgrounds) और पेयजल स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। लंबे समय से कमरों या कोनों में पड़े कबाड़ और अनुपयोगी सामान का नियमानुसार सुरक्षित निस्तारण (disposal) किया जाएगा। विभाग ने साफ किया है कि इस काम को केवल औपचारिक न रखा जाए, बल्कि इसे एक जन-आंदोलन का रूप दिया जाए। इसके लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों, ग्राम पंचायतों, स्कूल प्रबंधन समिति (SMC), एसडीएमसी (SDMC) और स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी (public participation) सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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स्कूलों का औचक निरीक्षण
अलवर सहित प्रदेशभर के जिला स्तरीय शिक्षा अधिकारियों को इस अभियान की सीधी निगरानी (monitoring) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारी खुद ब्लॉक और पंचायत स्तर के स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे, ताकि काम समयसीमा (deadline) के भीतर और तय मानकों के अनुसार पूरा हो सके। विभाग का मानना है कि इस पहल से सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलेगी और दीपावली के मौके पर बच्चे एक नए और खुशनुमा माहौल में पढ़ाई कर सकेंगे।

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रंगाई-पुताई भी होगी
इस पूरे अभियान में सबसे ज्यादा जोर शौचालयों की मरम्मत (toilet repair) और उनकी नियमित स्वच्छता पर दिया गया है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि बालक और बालिकाओं के शौचालयों में पानी, नल, दरवाजे और साफ-सफाई की व्यवस्था को पहली प्राथमिकता (top priority) दी जाए। इसके अलावा टूटी खिड़कियों, फर्श और दीवारों की आवश्यक मरम्मत (necessary repair) कराई जाएगी और मुख्य भवनों की रंगाई-पुताई होगी।

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शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मरम्मत और रंग-रोगन के सभी कार्य विभागीय नियमों, राजस्थान लोक उपापन पारदर्शिता अधिनियम-2012 (RTPPA) और वित्तीय नियमों (financial rules) की पूरी पालना करते हुए ही कराए जाएंगे। बजट और सामग्री के उपयोग में पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी।

सरकारी स्कूलों में रंगाई-पुताई और मरम्मत के कार्य किए जाएंगे। इसके लिए सभी संस्था प्रधानों को आदेश जारी किया जाएगा – मनोज शर्मा, डीईओ, माध्यमिक, अलवर

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