स्कूलों में वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता का पाठ पढ़ेंगे विद्यार्थी, ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ का हुआ विस्तार

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार स्कूली शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए निरंतर अभिनव पहल कर रही है। प्रदेश के स्कूली विद्यार्थी अब नियमित पढ़ाई और तकनीकी हुनर सीखने के साथ-साथ पैसों का सही प्रबंधन करने तथा भविष्य में अपना उद्यम/स्वरोजगार शुरू करने की बुनियादी समझ भी विकसित करेंगे। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) की महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट प्रवीण' योजना के तहत छात्र-छात्राओं को वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता विकास का प्रशिक्षण देने के लिए दो नए विशेष मॉड्यूल शामिल किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण पहल को अमलीजामा पहनाने के लिए मिशन निदेशक पुलकित खरे के कुशल निर्देशन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) और केंद्रीय उद्यमिता मंत्रालय के अधीन कार्यरत नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट (NIESBUD) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। 

इसके तहत एनएसई द्वारा वित्तीय कौशल तथा निस्बड द्वारा उद्यमिता विकास का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। दोनों मॉड्यूल दो-दो घंटे के हैं और इन्हें 24 अक्टूबर 2026 से प्रदेश भर में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। इसका मुख्य ध्येय विद्यार्थियों में कम उम्र से ही आर्थिक जागरूकता पैदा करना और उनके तकनीकी कौशल को स्वरोजगार से जोड़ना है।

ये भी पढ़ें :  योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी देने वाले एक शख्स को नोएडा पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया

कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को मांग-आधारित ट्रेडों में कौशल प्रशिक्षण

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के अंतर्गत प्रदेश के 515 विद्यालयों के लगभग दो लाख छात्र-छात्राओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देने का वृहद लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दायरे में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी), सर्वोदय विद्यालय और श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित 'अटल आवासीय विद्यालय' भी शामिल हैं। योजना के तहत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को नियमित स्कूली पाठ्यक्रम के साथ-साथ मांग-आधारित ट्रेडों में रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि 12वीं उत्तीर्ण करते ही उनके पास आजीविका के ठोस अवसर उपलब्ध हों।

ये भी पढ़ें :  विकसित उत्तर प्रदेश @2047: जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश बना राष्ट्रीय मॉडल

पैसे के सही उपयोग और वित्तीय निर्णयों की समझ दी जाएगी

एनएसई द्वारा संचालित दो घंटे के वित्तीय कौशल मॉड्यूल के माध्यम से विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में पैसे के सही उपयोग और वित्तीय निर्णयों की समझ दी जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय विशेषज्ञ बनाना नहीं, बल्कि उन्हें 'जरूरत और इच्छा' (नीड्स वर्सेज वांट्स) का अंतर समझाना, बचत की महत्ता बताना और उपलब्ध धनराशि का सुनियोजित उपयोग सिखाना है। यह बुनियादी समझ भविष्य में उन्हें आय, व्यय, पारिवारिक बजट और सुरक्षित निवेश जैसे महत्वपूर्ण विषयों में सक्षम बनाएगी।

नए कारोबारी विचारों को पहचानने और उन्हें अवसरों में बदलने की सोच होगी विकसित

निस्बड का दो घंटे का उद्यमिता विकास मॉड्यूल के माध्यम से छात्र-छात्राओं में नए कारोबारी विचारों को पहचानने और उन्हें बाजार के अवसरों में बदलने की उद्यमी सोच विकसित करेगा। इसके जरिए विद्यार्थी यह समझ सकेंगे कि सिलाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, ब्यूटी एंड वेलनेस या ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में सीखे गए हुनर के आधार पर अपना लघु व्यवसाय या स्टार्टअप कैसे शुरू किया जाए। इसमें समस्या की पहचान, संसाधनों का कुशल प्रबंधन, ग्राहकों की आवश्यकता का आकलन और प्रोजेक्ट प्लानिंग जैसे व्यावहारिक पहलू शामिल होंगे, जिससे युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं बल्कि स्वरोजगार पैदा करने वाले बनें।

ये भी पढ़ें :  बदायूं सीबीजी प्लांट मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी गठित

विद्यार्थियों को मिलेगा 360 डिग्री संपूर्ण प्रशिक्षण

योगी सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मंशा के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा को माध्यमिक शिक्षा के साथ पूरी मजबूती से एकीकृत कर रही है। प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत विद्यार्थियों को पहले से ही 180 घंटे का तकनीकी ट्रेड प्रशिक्षण, 30 घंटे का सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण तथा 4 घंटे का एआई एवं डिजिटल कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब इसमें 2 घंटे का वित्तीय कौशल और 2 घंटे का उद्यमिता विकास मॉड्यूल जुड़ जाने से विद्यार्थियों को 360 डिग्री संपूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त होगा।

मिशन निदेशक ने बताया कि दोनों नए मॉड्यूल्स की विस्तृत अध्ययन सामग्री और रूपरेखा समस्त प्रशिक्षण प्रदाताओं को प्रेषित कर दी गई है तथा इसे कक्षा-कक्ष प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से संचालित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

Share

Leave a Comment