राजस्थान में बनेगा प्रदेश का पहला यूरेनियम प्लांट, ₹3,000 करोड़ का निवेश; 5,000 लोगों को रोजगार की उम्मीद

सीकर
 राजस्थान अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सीकर जिले के खंडेला क्षेत्र के रॉयल गांव में प्रदेश का पहला यूरेनियम प्लांट स्थापित करने की कवायद तेज हो गई है। यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) ने इस प्रोजेक्ट को वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

इसके लिए जमीन अधिग्रहण की तैयारी शुरू कर दी गई है। 500 बीघा से अधिक जमीन अधिग्रहित की जानी है। प्रशासन खातेदारों का छह महीने तक सर्वे कराएगा। इसमें उनकी आर्थिक-सामाजिक स्थिति, खेती और रोजगार के लिए नौकरी पर निर्भरता का आकलन किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा तय किया जाएगा। अगले साल अप्रैल तक जमीन अधिग्रहण पूरा करने की तैयारी है।

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सीकर से पाइपलाइन के जरिए पहुंचेगा पानी
प्लांट के लिए सीकर शहर से पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद और यूसीआईएल के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) हो चुका है। इसके अलावा झुंझुनूं के उदयपुरवाटी क्षेत्र के जहाज और नृसिंहपुरी तथा नीमकाथाना क्षेत्र में भी यूरेनियम के भंडार मिलने की संभावना है। रॉयल परियोजना के बाद इन क्षेत्रों में भी सर्वे कराया जा सकता है।

12 मिलियन टन यूरेनियम भंडार की पुष्टि
खंडेला क्षेत्र के रॉयल गांव में 1,086.46 हेक्टेयर क्षेत्र में यूरेनियम भंडार होने की वर्ष 2005 में पुष्टि हुई थी। यहां करीब 12 मिलियन टन यूरेनियम भंडार होने की संभावना जताई गई है। खनिज विभाग ने यूसीआईएल के आवेदन पर वर्ष 2022 में खनन के लिए आशय पत्र (एलओआई) जारी किया था।

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3,000 करोड़ रुपए का निवेश
प्रोजेक्ट पर करीब 3,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इससे सीकर जिले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 5,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। रॉयल और सुहागपुरा गांवों में करीब 400 फीट गहराई तक खुदाई कर यूरेनियम निकाला जाना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यहां चट्टानों के बीच धार के रूप में यूरेनियम मिला है। इसकी गुणवत्ता झारखंड में पाए जाने वाले यूरेनियम के समान बताई गई है। खनन के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया भी जारी है।

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प्रोजेक्ट पर एक नजर
    1998: यूरेनियम की प्रारंभिक जानकारी मिली
    1999: ड्रिलिंग से खुदाई शुरू हुई
    2005: यूरेनियम भंडार की पुष्टि हुई
    2016: प्रोजेक्ट के लिए कवायद शुरू हुई
    1 किमी: यूरेनियम खनन के लिए सुरंग की लंबाई
    6 मीटर: सुरंग की चौड़ाई
    22 करोड़ रुपये: सुरंग पर खर्च का अनुमान
    3,000 करोड़ रुपये: प्रोजेक्ट की अनुमानित कुल लागत
    12 मिलियन टन: रॉयल में यूरेनियम भंडार होने की संभावना
    1,086.46 हेक्टेयर: यूरेनियम भंडार वाला क्षेत्र

 

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