विद्युत आपूर्ति को बेहतर बनाने और उपभोक्ता सेवाओं में निरंतरता के लिए ओपन टेंडर की प्रक्रिया

रायपुर

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी प्रदेश में वर्तमान में संचालित विद्युत मेंटेनेंस, उपभोक्ताओं के विद्युत व्यवधान के निराकरण एवं अन्य संबंधित सेवाओं को और अधिक बेहतर, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नई ओपन टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से निविदाएं आमंत्रित की गई है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, कार्यों का बेहतर प्रबंधन तथा विद्युत संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है। 

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को छत्तीसगढ़ पावर कंपनी वाहन मालिक कल्याण संघ ने पत्र लिखकर अपनी मांगों और समस्याओं पर चर्चा का अनुरोध किया है। संघ द्वारा ओपन टेंडर के विरोध में 3 नवंबर को विद्युत मेंटेनेंस एवं टीएमसी/एफओसी सेवाएं बंद रखने तथा 7 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की दी गई है। इस संबंध में कंपनी प्रबंधन संघ के अधिकृत प्रतिनिधिमंडल को 2 नवंबर 2026 को अपराह्न 3:00 बजे कंपनी मुख्यालय, रायपुर में वार्ता हेतु आमंत्रित किया गया है, ताकि संगठन द्वारा उठाई गई मांगों एवं समस्याओं पर सकारात्मक वातावरण में विचार-विमर्श किया जा सके।

ये भी पढ़ें :  बहतराई खेल प्रशिक्षण केन्द्र में निर्माण और मरम्मत के कार्यों में देरी पर भड़के उप मुख्यमंत्री अरुण साव

राज्य शासन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय सुनिश्चित करने तथा उनके अन्य हितों के संरक्षण के प्रति अत्यंत संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध हैं। विद्युत आपूर्ति एवं उपभोक्ता सेवाओं से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, यह शासन एवं कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि टीएमसी/एफओसी सेवाएं एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित आकस्मिक सुधार कार्य उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत सेवा उपलब्ध कराने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन सेवाओं में किसी प्रकार का व्यवधान उपभोक्ताओं के हित में नहीं है।

ये भी पढ़ें :  प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त कर गढ़ेंगे विकास की राह: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि इस निविदा के माध्यम से नियुक्त होने वाली एजेंसी को न केवल वर्तमान में कार्यरत एजेंसी के वाहनों, बल्कि टीएमसी/एफओसी एवं अन्य तकनीकी कार्यों में ठेकेदारों के माध्यम से कार्यरत मानव संसाधनों (कार्यरत अमले) को भी नियमानुसार एवं निविदा में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप होने पर ,अपने कार्य में बनाए रखने/शामिल करने हेतु प्रेरित एवं सलाहित किया जाएगा। इसके साथ ही निविदा में इन मानव संसाधनों की कार्यकुशलता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने का भी विशेष प्रावधान किया गया है, ताकि वर्तमान में सेवाएं दे रहे समस्त तकनीकी कर्मियों के हितों व रोजगार का समुचित ध्यान रखा जा सके।
कंपनी प्रबंधन का उद्देश्य किसी भी स्थानीय वाहन मालिक, छोटे ठेकेदार अथवा कार्यरत कर्मचारियों व संगठन के हितों की अनदेखी करना नहीं है। कंपनी सभी संबंधित पक्षों के साथ संवाद एवं समन्वय के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालने के लिए तत्पर है।

ये भी पढ़ें :  शहीद जवान की पत्नी ने CM साय को बांधी राखी, बोले- सगी बहन से बढ़कर बहन मिली

कंपनी को आशा है कि संगठन के पदाधिकारी प्रस्तावित बैठक में उपस्थित होकर सकारात्मक चर्चा करेंगे तथा विद्युत उपभोक्ताओं के हितों एवं विद्युत सेवाओं की निरंतरता को सर्वोपरि रखते हुए सहयोग करेंगे।

समाचार क्रमांक- CSPC-DGM(PR) 2026/170

Share

Leave a Comment