अरब सागर में पिछले माह गिरे आईसीजी हेलीकॉप्टर ध्रुव के पायलट का शव समुद्र से बरामद

नई दिल्ली
अरब सागर में पिछले माह गिरकर डूबे भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव के लापता पायलट इन कमांड का पार्थिव शरीर पोरबंदर से लगभग 55 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में समुद्र से बरामद कर लिया गया है। दुर्घटना के दूसरे दिन ही हेलीकॉप्टर का मलबा मिलने के साथ चालक दल के दो सदस्यों के पार्थिव अवशेष समुद्र से बरामद किए गए थे। अब चालक दल के तीसरे सदस्य के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार आईसीजी की परंपराओं और सम्मान के अनुसार किया जाएगा।

गुजरात में चक्रवाती मौसम के दौरान बिगड़े हालात में मोटर टैंकर हरि लीला से गंभीर रूप से घायल चालक दल के सदस्य को निकालने के लिए आईसीजी के एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) मार्क-III ध्रुव को लगाया गया था। पिछले माह 2 सितंबर की रात लगभग 11.00 बजे मेडिकल निकासी मिशन पर निकले एएलएच हेलीकॉप्टर में दो पायलट और दो गोताखोर सवार थे। जब हेलीकॉप्टर निकासी के लिए पोत के पास पहुंच रहा था, उसी समय 11.15 बजे आपातकालीन लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर चालक दल समेत समुद्र में गिरकर डूब गया। इसके बाद चलाये गए सर्च ऑपरेशन के दौरान 03 सितम्बर को हेलीकॉप्टर का मलबा मिल गया और एक गोताखोर को जिंदा बरामद कर लिया गया।

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इसके बाद आईसीजी ने हेलीकॉप्टर के दोनों लापता पायलटों और एक गोताखोर की तलाश में 04 जहाजों और दो विमानों को लगाया। सर्च ऑपरेशन के दौरान दूसरे दिन ही हेलीकॉप्टर (फ्रेम संख्या सीजी 863) का मलबा बरामद होने के बाद चालक दल के दो सदस्यों कमांडेंट (जेजी) विपिन बाबू और प्रधान नाविक करण सिंह के शव मिल गए। इसके बाद आईसीजी ने अपने एएलएच ध्रुव बेड़े की सुरक्षा जांच के आदेश दिए और घटना की गहन जांच होने तक मल्टी मिशन हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगा दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी से पता चला है कि तटरक्षक बल के पोरबंदर स्थित 835 स्क्वाड्रन का हेलीकॉप्टर समुद्र में नाक के बल (नोज ड्राइव) गिरा था। आईसीजी ने चालक दल के लापता तीसरे सदस्य की तलाश में व्यापक खोज और बचाव अभियान जारी रखा।

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आईसीजी के कमांडर अमित उनियाल ने बताया कि भारतीय नौसेना और अन्य हितधारकों के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन का नतीजा रहा कि मिशन के पायलट इन कमांड कमांडेंट राकेश कुमार राणा का शव 10 अक्टूबर को पोरबंदर से लगभग 55 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में समुद्र से बरामद किया गया है। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार आईसीजी की परंपराओं और सम्मान के अनुसार किया जाएगा।

गुजरात में पोरबंदर के पास अरब सागर में दो सितंबर को ‘एएलएच एमके-III’ हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद से चालक दल के तीन सदस्य लापता हो गए थे। हालांकि बाद में चालक दल के दो सदस्यों के शव तो मिल गए थे, लेकिन इस मिशन के पायलट राकेश कुमार राणा की तलाश जारी थी।

तटरक्षक बल की ओर से जारी की गई एक विज्ञप्ति में बताया कि राणा का शव 10 अक्टूबर को पोरबंदर से लगभग 55 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में समुद्र में पाया गया।

इसमें बताया गया, ‘‘तटरक्षक बल ने भारतीय नौसेना और अन्य हितधारकों के साथ मिशन के पायलट-इन-कमांड राकेश कुमार राणा का पता लगाने के लिए अथक प्रयास जारी रखे।’’

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विज्ञप्ति में बताया गया है, ‘‘सेवा परम्पराओं और सम्मान के अनुसार ही उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। भारतीय तटरक्षक बल के तीन बहादुर जवानों को सलाम, जिन्होंने अपना कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी।’’

इसमें बताया गया है कि भारतीय तटरक्षक का एक उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर दो सितंबर की रात को मोटर टैंकर ‘हरि लीला’ पर सवार चालक दल के एक घायल सदस्य को निकालने के प्रयास में अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें चालक दल के चार सदस्य सवार थे।

विज्ञप्ति में बताया गया कि हेलीकॉप्टर पर सवार चालक दल चार सदस्यों में से एक गोताखोर गौतम कुमार को तुरंत बचा लिया गया था, जबकि तीन लापता हो गए थे। एक दिन बाद पायलट विपिन बाबू और गोताखोर करण सिंह का शव खोज लिया गया, लेकिन राणा को नहीं ढूंढा जा सका था। इसके बाद बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया।

 

 

 

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