कंटेंट क्रिएशन का बाजार 2035 तक होगा 480 अरब डॉलर का : सिंधिया

नई दिल्ली
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कंटेंट क्रिएशन में भारत के नेतृत्व को रेखांकित करते हुए आज कहा कि भारत दुनिया की कंटेंट क्रिएशन राजधानी बनने की ओर अग्रसर है, जिसका बाजार आज के 30 अरब डॉलर से बढ़कर 2035 तक 480 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। सिंधिया ने यहां चल रही इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में "भारत में कंटेंट क्रिएशन में क्रांति लाना: अगले एक अरब उपयोगकर्ताओं को जोड़ने के लिए एआई और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करना" शीर्षक पर पैनल चर्चा के दौरान यह बात कही।

ये भी पढ़ें :  सोना-चांदी में जोरदार उछाल! शांति समझौते की उम्मीद से चमके भाव, एक्सपर्ट ने बताया खरीदने-बेचने का सही समय

इस व्यावहारिक सत्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और कंटेंट क्रिएशन के बीच बढ़ते अंतर्संबंध पर प्रकाश डाला गया।उन्होंने सूचना तक पहुंच के लोकतंत्रीकरण और डिजिटल क्रांति का नेतृत्व करने के लिए 6जी जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों को अपनाने के लिए भारत की तत्परता पर जोर दिया। सिंधिया ने कंटेंट क्रिएशन में क्रांति लाने में एआई की भूमिका को रेखांकित किया।

पैनल ने इस बात पर जोर दिया कि सामग्री निर्माण में एआई राजस्व धाराओं का विस्तार करने, लागत कम करने और नए बाजारों में प्रवेश करने का अवसर है, खासकर टियर 2 और टियर 3 शहरों में जहां सामग्री उपभोग पैटर्न विकसित हो रहे हैं। चूंकि एआई वास्तविक समय के वैयक्तिकरण और दर्शकों के साथ बातचीत की सुविधा देता है, इसलिए रचनात्मक अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ने वाली है। एशिया का सबसे बड़ा डिजिटल प्रौद्योगिकी मंच, इंडिया मोबाइल कांग्रेस, उद्योग, सरकार, शिक्षाविदों, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र में अन्य प्रमुख हितधारकों के लिए अभिनव समाधान, सेवाओं और अत्याधुनिक उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने के लिए दुनिया भर में एक प्रसिद्ध मंच बन गया है।

ये भी पढ़ें :  WhatsApp पर आया नया फीचर, एक साथ 4 मोबाइल पर चला सकेंगे एक ही अकाउंट, यहां जानिये कैसे

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में 400 से अधिक प्रदर्शक, लगभग 900 स्टार्टअप और 120 से अधिक देशों से भागीदारी हो रही है। इस कार्यक्रम में 900 से अधिक प्रौद्योगिकी उपयोग मामले परिदृश्यों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है, जिसमें 600 से अधिक वैश्विक और भारतीय वक्ताओं के साथ 100 से अधिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment