भानु की दिवाली में रोशनी लाएं, वोकल फॉर लोकल अपनाएं

भोपाल
भोपाल में जहाँ हर नुक्कड़ पर मेहनत की खुशबू और कड़ी मेहनत की कहानी बसी है, वहीं अशोका गार्डन की 80 फीट रोड पर भानु प्रजापति नाम का एक युवा, अपनी दिवाली में आपके समर्थन की उम्मीद लेकर बैठा है। भानु कोकता बायपास का निवासी है और अपने परिवार के साथ त्योहारों के समय दुकान लगाकर दिवाली का सामान बेचता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी प्रदेशवासियों से “वोकल फॉर लोकल” पहल पर भानु जैसे स्थानीय कारीगरों और विक्रेताओं को समर्थन देने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि “वोकल फॉर लोकल” का समर्थन केवल स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन देना नहीं है, बल्कि उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाना है।

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भानु की उम्र तो कम है, लेकिन उसके सपने बड़े हैं। पढ़ाई में होशियार भानु दिन में स्कूल जाता है और छुट्टियों में अपने माता-पिता के साथ दुकान पर बैठकर उनकी मदद करता है। हर दिए में भानु और उसके माता-पिता की मेहनत झलकती है, जो दिन-रात एक कर ग्राहकों का इंतजार करते हैं जिससे उनकी दिवाली भी उजाले से भर सके। भानु की माँ मिट्टी के दिए एवं अन्य सामान बनाती हैं, जिन्हें सजाने और सुंदर बनाने का काम उसके पिता करते है। भानु का कहना है, “जब लोग हमारे हाथ से बने सामान खरीदते हैं, तो लगता है जैसे हमारे त्यौहार भी रोशन हो गए हों।”

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इस दिवाली, जब आप किसी बाजार जाएं तो एक बार भानु और उसके जैसे मेहनती कारीगरों से भी खरीदारी जरूर करें। आपके समर्थन से न सिर्फ उनकी दुकान में रौनक आएगी, बल्कि उनकी जिंदगी में भी खुशियों के दिए जल उठेंगे।

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