8 लाख रुपये तक की इनकम हो सकती है टैक्स फ्री, 9 करोड़ लोग भर सकते हैं आईटीआर

8 लाख रुपये तक की इनकम हो सकती है टैक्स फ्री, 9 करोड़ लोग भर सकते हैं आईटीआर

 सरकार का 8 लाख रुपये तक की सालाना इनकम को टैक्स फ्री करने का फैसला!

देश में इस साल  7.3 करोड़ लोगों ने आईटीआर फाइल किया, मार्च 2025 तक यह संख्या 9 करोड़ को पार ……

नई दिल्ली
हर साल इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इस साल करीब 7.3 करोड़ लोगों ने आईटीआर फाइल किया है और मार्च 2025 तक यह संख्या 9 करोड़ को पार कर सकती है। यदि सरकार 8 लाख रुपये तक की सालाना इनकम को टैक्स फ्री करने का फैसला लेती है, तो यह आंकड़ा और भी तेजी से बढ़ सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस छूट की मांग जोर पकड़ रही है और ऐसी संभावना है कि सरकार 60 से 80 साल के वरिष्ठ नागरिकों को यह राहत दे सकती है।

ये भी पढ़ें :  मंदसौर में चीता संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम, प्रभास और पावक ने पार किया बड़ा पड़ाव

2 करोड़ ज्यादा आईटीआर फाइल होने की संभावना
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के आर्थिक विभाग की रिसर्च रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर सरकार असेसमेंट ईयर 2024-25 में आईटीआर की संख्या बढ़ाना चाहती है, तो उसे ऐसे कदम उठाने की जरूरत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ नागरिकों को यह छूट दी जाती है, तो रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होगी। अनुमान है कि इस साल करीब 2 करोड़ और आईटीआर फाइल होंगे, जिससे वित्तीय वर्ष के अंत तक यह संख्या 9 करोड़ को पार कर सकती है। अगले साल यह आंकड़ा 10 करोड़ के पार भी पहुंच सकता है।

ये भी पढ़ें :  राफेल डील पर भारत ने खींची लक्ष्मण रेखा, यह शर्त नहीं मानी तो सौदा होगा रद्द, फ्रांस को ₹325000 करोड़ का झटका

टीडीएस कटौती और सर्टिफिकेट में बदलाव की सिफारिश
रिपोर्ट के अनुसार, असेसमेंट ईयर 2022 में कुल 7.3 करोड़ आईटीआर फाइल किए गए थे, जो असेसमेंट ईयर 2024 में बढ़कर 8.6 करोड़ हो गए। तय तारीख के बाद आईटीआर भरने वालों की संख्या में गिरावट आ रही है, जिससे यह स्पष्ट है कि लोग समय पर आईटीआर फाइल करने के अनुशासन का पालन कर रहे हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी प्रक्रिया और फॉर्म को आसान बना दिया है, जिससे आईटीआर भरना सरल हो गया है। रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि सरकार को टीडीएस कटौती के दायरे में सुधार करना चाहिए और टीडीएस सर्टिफिकेट में भी बदलाव करने चाहिए।

ये भी पढ़ें :  दिल्ली पुलिस ने नशामुक्ति अभियान में 1700 किलोग्राम ड्रग्स नष्ट किए, कीमत 72 करोड़ रुपये

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment