छत्तीसगढ़-भिलाई के भक्त ने बाबा महाकाल को भेंट की रजत पालकी, 26 किलो चांदी से बनी पालकी में बेजोड़ नक्काशी

भिलाई/उज्जैन।

बाबा महाकाल (Baba mahakal) के दरबार में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के एक शख्स ने रजत पालकी (Silver Palanquin) भेंट की। इसकी कीमत करीब 22 लाख रुपए बताई जा रही है। हालांकि, इसे दान करने वाले भक्त ने अपना नाम गुप्त रखा है। जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के भिलाई के एक भक्त ने गुप्त दान में बाबा महाकाल को चांदी की पालकी भेंट की। धर्मास्त्र पुजारी भावेश व्यास, लोकेंद्र व्यास की प्रेरणा से लगभग 100 दिनों में यह पालकी लगभग 20 किलो 600 ग्राम तैयार हुई है। पालकी पूजन में मंदिर समिति के सहायक प्रशासक प्रतीक द्विवेदी, राम जी पुजारी समिति सदस्य रामनाथ जी महाराज भरतरीगुफा, प्रशांत त्रिपाठी विशेष सबसे उपस्थित थे। बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे भारतीय क्रिकेटर मयंक और यश: भस्म आरती में हुए शामिल, जलाभिषेक भी किया।

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सुंदर तरीके से तैयारी की गई पालकी

पुजारी भावेश व्यास ने बताया कि आज मार्गशीष मास की कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को छत्तीसगढ़ के भिलाई से आए जजमान ने महाकालेश्वर मंदिर समिति को रजत पालकी दान की है। उनकी काफी समय से इच्छा थी कि बाबा महाकाल को कुछ भेंट की जाए। भगवान महाकाल की पालकी बहुत सुंदर तरीके से तैयार की गई है।

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रजत पालकी में क्या है खास?

पुजारी ने आगे बताया कि पालकी में भगवान को सूर्य मंडित किया गया है। स्वस्तिक अर्पित किया गया है। आगे के भाग में 2 सिंह का अनावरण किया गया है। कमल पुष्प से पालकी को सजाया गया है। इसे उज्जैन में बनवाया गया है।

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