‘आप’ नेता राघव चड्ढा ने दिल्ली में आपराधित गतिविधियों को लेकर राज्यसभा में दिया स्थगन नोटिस

नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर राज्यसभा में स्थगन नोटिस देकर चर्चा की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा समय में दिल्ली में आपराधिक गतिविधियां अपने चरम पर पहुंच चुकी है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और दिल्ली के आम लोगों का जीना दूभर हो चुका है। बता दें कि दिल्ली में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के हाथों में है। ऐसी स्थिति में इस विषय पर चर्चा की मांग करके वो केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें :  भारत-US के बीच नए समझौते पर जल्द फैसला, ट्रंप के दूत ने दी खुशखबरी

उधर, केंद्र सरकार लगातार यह दावा करती है कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था बिल्कुल ठीक है, लेकिन इसके विपरीत आम आदमी पार्टी इन दावों को खोखला बताती है। ऐसे में आप नेता राघव चड्डा ने स्थगन नोटिस देकर दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर चर्चा की मांग की है।

उन्होंने अपने नोटिस में कहा, “राज्य सभा (राज्य सभा) में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों के नियम 267 (नियमों के निलंबन के प्रस्ताव की सूचना) के तहत, मैं प्रस्ताव पेश करने की सूचना देता हूं।” उल्लेखनीय है कि इससे पहले राघव चड्डा ने बांग्लादेश में कट्टरपंथी समूहों द्वारा हिंदू समुदाय पर हो रहे हमले पर चर्चा की मांग के लिए राज्यसभा में स्थगन नोटिस दिया है।

ये भी पढ़ें :  जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बड़े आतंकी साजिश का खुलासा, पाकिस्तान से हो रहा था ऑपरेशन; पेट्रोल बम हमले की थी तैयारी

राघव चड्ढा ने प्रस्ताव के नोटिस में कहा था, “राज्यसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 267 (नियमों के स्थगन के लिए प्रस्ताव की सूचना) के तहत, मैं प्रस्ताव पेश करने के अपने इरादे की सूचना देता हूं।”

उन्होंने कहा था, “यह सदन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों और चिन्मय कृष्ण दास सहित तीन इस्कॉन पुजारियों की गिरफ्तारी पर चर्चा करने के लिए शून्यकाल और प्रश्नकाल तथा दिन के लिए सूचीबद्ध अन्य कार्यों से संबंधित प्रासंगिक नियमों को निलंबित करे। इसके अलावा, मैं मांग करता हूं कि यह सदन सामूहिक रूप से इस्कॉन पुरोहित चिन्मय कृष्ण दास की हिरासत पर चर्चा करें और उसकी निंदा करे।”

ये भी पढ़ें :  राघव चड्ढा का बिल अगर पास हो जाता, तो न BJP में जाते न AAP टूटती—4 साल पुरानी कहानी

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment