रेलवे ने आम यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए एसी कोचों के बजाय जनरल डिब्बों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया

नई दिल्ली
रेलवे ने आम यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए एसी कोचों के बजाय जनरल डिब्बों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में घोषणा की कि रेलवे जल्द ही अपनी ट्रेनों में 10,000 नए सामान्य डिब्बे जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है। इनमें से 1,000 जनरल डिब्बे दिसंबर 2024 के अंत तक जोड़ दिए जाएंगे। यह कदम रेलवे को और अधिक किफायती और गरीबों के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

अमृत भारत स्टेशन योजना और सब्सिडी जारी
रेल मंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,300 स्टेशनों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। इनमें से कुछ स्टेशनों पर 700-800 करोड़ रुपये और अन्य पर 100-200 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि रेलवे हर टिकट पर 46% सब्सिडी देता है। यदि टिकट का मूल्य 100 रुपये है, तो यात्री केवल 54 रुपये भुगतान करते हैं। यह सब्सिडी भविष्य में भी जारी रहेगी।

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रेलवे संशोधन विधेयक पेश
बुधवार को रेलवे संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया गया। इसके तहत रेलवे अधिनियम 1989 और भारतीय रेलवे बोर्ड अधिनियम का एकीकरण किया जाएगा। रेल मंत्री ने इसे रेलवे की कार्यक्षमता बढ़ाने और आधुनिकीकरण के लिए आवश्यक कदम बताया।

विपक्ष का निजीकरण का आरोप, मंत्री ने किया खंडन
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने रेलवे के निजीकरण और रोजगार के अवसर घटाने का आरोप लगाया। विपक्ष ने रेल दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं पर भी सवाल उठाए। इस पर रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य रेलवे का निजीकरण नहीं, बल्कि इसका आधुनिकीकरण और कार्यक्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि रेलवे देश की यातायात का प्राणवायु है, और इसके विस्तार और सुधार के लिए यह कदम जरूरी हैं।

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तकनीकी उन्नति और सुरक्षा पर जोर
मंत्री ने यह भी बताया कि रेलवे ने तकनीकी सुधारों के जरिए दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई है। साथ ही, पटरियों का दोहरीकरण और विद्युतीकरण भी तेज गति से किया जा रहा है। यह कदम रेलवे के व्यापक सुधार और गरीबों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अगले कुछ महीनों में रेलवे नेटवर्क में और सुधार देखने को मिल सकते हैं।

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