आप पार्टी के प्रत्याशी बनाए गए अवध ओझा ने अब अरविंद केजरीवाल से जुड़े बंगला विवाद पर जो कहा वह हुआ वायरल

नई दिल्ली
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले शिक्षक और मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा राजनीति में एंट्री के बाद से ही काफी चर्चा में हैं। पटपड़गंज सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के प्रत्याशी बनाए गए अवध ओझा ने अब अरविंद केजरीवाल से जुड़े बंगला विवाद पर जो कहा वह वायरल हो गया है। अवध ओझा ने विवाद को खारिज करते हुए कहा कि राजा को महल में ही रहना पड़ता है। उन्होंने अपनी बात समझाने के लिए भगवान राम का भी उदाहरण दिया।

एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में अवध ओझा से पूछा गया था भाजपा ने सीएम आवास का वीडियो शेयर किया है और याद दिलाया है कि केजरीवाल कहते थे कि ना गाड़ी लूंगा ना बंगला लूंगा, ना गाड़ी लूंगा, अब देखिए आवास कितना आलीशान बना लिया गया है। ओझा ने कहा, 'मैंने तो वह आवास देखा नहीं है। लेकिन प्रभु राम जंगल में रहे और जब जंगल से तपस्या करके लौटे तो राजा को महल में ही रहना पड़ता है। राजा का एक आवास होता है। प्रभु राम अगर जंगल में महल बनाते तो लोग कहते कि यह कौन सी तपस्या है जी। एक आधिकारिक प्रोटोकॉल होता है कि राजा को ऐसा रहना है। एक मुख्यमंत्री है उसको एक जगह से दूसरी जगह जाएगा तो उसका प्रोटोकॉल होगा। शब्द है एक तो उसमें कोई बात ही नहीं है।'

ये भी पढ़ें :  अनिरुद्ध रविचंदर और काव्या मारन की शादी की अफवाहें फिर चर्चा में, अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं

ओझा ने कहा, 'मैं जहां तक अरविंद केजरीवाल को जानता हूं, अगर वो व्यक्तिगत जीवन में जाएंगे तो फिर झोपड़ी में ही रहेंगे। बहुत साधारण, सिंपल और सरल किस्म के इंसान है। लेकिन राजा के साथ कुछ चीजें जुड़ी हुई हैं तो मुख्यमंत्री आवास में रहते हैं। आप उसे महल कहो, पैलेस कहो वह एक अलग चीज है।' गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल बतौर सीएम जिस बंगले में रहते थे उसे भाजपा 'शीशमहल' कहते हुए आरोप लगाती है कि सुख-सुविधा के लिए ‘आप’ मुखिया ने गलत तरीके से करोड़ों रुपए खर्च किए।

ये भी पढ़ें :  पत्नी ने घरेलू झगड़े में अपने पति का प्राइवेट पार्ट काट दिया और हुई फरार

भाजपा केजरीवाल के पुरानी बातें याद दिला रही है, जब उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री को बड़े बंगले की आवश्यकता नहीं होती है। हाल ही में भाजपा ने कथित शीशमहल का वीडियो जारी करके केजरीवाल की घेराबंदी तेज कर दी है। इस बीच अवध ओझा की ओर आई यह दलील खूब चर्चा में है। अवध ओझा का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। कुछ लोग अवध ओझा का एक और वीडियो साझा करके सवाल दाग रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में नता नहीं जनता राजा है।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment